बोर्ड ऑफ़ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन के अध्यक्ष पहुंचे बी. पी. एस.
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत बनेगा वैश्विक स्रोत : डॉ. शर्मा
गोहाना :- 7 दिसम्बर : भारत सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक स्त्रोत बनाएगी। इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। यह खुलासा भारतीय चिकित्सा प्रणाली राष्ट्रीय आयोग के बोर्ड ऑफ़ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन के अध्यक्ष प्रो राकेश शर्मा ने गुरुवार को बी. पी. एस. महिला विश्वविद्यालय में किया।
अवसर बी. ए. एम. एस. की नवागंतुक छात्राओं के लिए 15 दिन चल रहे दीक्षारम्भ कार्यक्रम के समापन का था। अध्यक्षता वी. सी. प्रो सुदेश ने की। विशिष्ट अतिथि रजिस्ट्रार डॉ नीलम मलिक रहीं। अध्यक्षता आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. महेश दाधीच ने की।
मुख्य अतिथि प्रो. राकेश शर्मा ने हील इन इंडिया तथा हील बाय इंडिया मिशन की जानकारी साझा की। उन्होंने संतोष जाहिर किया की भारत में आयर्वेद की पारंपरिक शिक्षा का स्वरूप अभी बचा हुआ है। वी.सी. प्रॉं सुदेश ने कहा कि आयुर्वेद पद्धति बहुत ही प्राचीनँ एवं महान चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेद की तरफ आज दुनिया बढ़ रही है, विश्वविद्यालय के लिए आयुर्वेद संस्थान एक साधन क समान है।
रजिस्ट्रार डॉ नीलम मलिक ने कहा कि हमारी बेटियां एक बहुत ही अच्छी चिकित्सक बन समाज की भलाई में अपना सहयोग देंगी। इस अवसर पर डॉ. महेश कौशिक, डॉ. गोविन्द गुप्ता, डॉ. पंकज राय, डॉ. हेमलता, डॉ. मालविका, पूजा वोहरा आदि मौजूद रहे।


