आर्य वज्र स्वाध्याय संघ की नीतियों का मूलमंत्र शिक्षा, सेवा और संयम है ; आडम्बर और प्रदर्शन का पक्षधर नहीं है जैन धर्म : शेर-ए-हिंद

गोहाना :- 5 दिसम्बर : शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि ने मंगलवार को कहा कि जैन धर्म आडम्बर और प्रदर्शन का पक्षधर नहीं है। यह धर्म संस्कार निर्माण के साथ स्वाध्याय और शिक्षा को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने कहा कि आर्य वज्र स्वाध्याय संघ की नीतियों का मूलमंत्र शिक्षा, सेवा और संयम है।
सुंदर मुनि अपनी दीक्षा के स्वर्ण जयंती महोत्सव पर पटेल बस्ती में स्थापित गुरु सुदर्शन सुंदर डायग्नोस्टिक सेंटर में प्रवचन कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य वज्र स्वाध्याय संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कुमार जैन ने किया तथा संयोजन राष्ट्रीय महासचिव प्रतिभा जैन ने किया।
सुंदर मुनि 5 दिसंबर 1973 को गन्नौर में दीक्षित हुए थे। वह इस समय गोहाना में वजीरपुरा गांव स्थित टी. पी. एस. पब्लिक स्कूल में गच्छाधिपति प्रकाश चंद जी महाराज के साथ प्रवास कर रहे हैं। शेर-ए-हिंद ने संकेत दिया कि उक्त डायग्नोस्टिक सेंटर का गच्छाधिपति शीघ्र लोकार्पण कर सकते हैं।
इस आयोजन में विनोद मुनि ने भी प्रवचन किया।

