गोहाना में शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि की दीक्षा के स्वर्ण जयंती पर्व में स्वर्णिम सुंदर कथामृतं का विमोचन

गोहाना :-4 दिसम्बर : शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि की दीक्षा की स्वर्ण जयंती के समारोह में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक स्वर्णिम सुंदर कथामृतं का विमोचन किया गया। यह विमोचन आर्य वज्र स्वाध्याय संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कुमार जैन ने अपनी टीम के साथ किया।
शेर-ए-हिंद 5 दिसंबर 1973 को गन्नौर में दीक्षित हुए थे। इस स्वर्ण जयंती दीक्षा की पूर्व सन्ध्या पर वजीरपुरा टी.पी.एस. पब्लिक स्कूल में विराट उत्सव हुआ। इस उत्सव के लिए पावन सानिध्य जैन धर्म के श्लाका पुरुष 95 साल के गच्छाधिपति प्रकाश चंद जी महाराज का रहा। आचार्य प्रवर विजय राज के सुशिष्य विनोद मुनि, कौशल मुनि और विदित मुनि इस समारोह के लिए विशेष रूप से पधारे सुशील मुनि, संयति मुनि आदि ने शेर-ए-हिंद के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला।
विनोद मुनि ने कहा कि संयम, सेवा, तप, त्याग और निष्ठा का दूसरा नाम सुंदर मुनि है। स्वयं शेर-ए-हिंद सुंदर मुनि ने कहा कि संत का स्वर्णिम पल उसके संयम से है। उन्होंने कहा कि उन्हें गुरु चरणों का आश्रय सदैव कृतकृत्य करता रहे, यही एकमात्र उनके जीवन की पावन अभिलाषा है।
कार्यक्रम का संचालन आर्य वज्र स्वाध्याय संघ की संरक्षक नीलम जैन और महासचिव प्रतिभा जैन ने किया। कनाडा से आई रितु जैन, यशी जैन और इशु जैन ने शेर-ए-हिंद द्वारा रचित भजन को अपने मधुर स्वर में प्रस्तुत किया।

