मानवीय मूल्यों के लिए जान कुर्बान कर दी तेग बहादुर ने-डॉ. सुरेश सेतिया
गोहाना :-24 नवम्बर : मानवीय मूल्यों और आदर्शों की रक्षा के लिए दशम पातशाही गुरु तेग बहादुर ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। शुक्रवार को यह टिप्पणी प्रख्यात शिक्षाविद और आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के निदेशक डॉ. सुरेश सेतिया ने की।
वह गुरु तेग बहादुर के 348 वें बलिदान दिवस पर पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित मुख्य गुरुद्वारे में हुए श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में दन पब्लिक स्कूल के बच्चे अपने एम. डी. राजेश कुमार और प्रिंसिपल ज्योति छाबड़ा के साथ बड़ी संख्या में पहुंचे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष सरदार काबुल सिंह ने की तथा संयोजन आजाद हिंद देशभक्त मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने किया। मुख्य वक्ता डॉ. सुरेश सेतिया ने कहा कि 1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम स्वीकार करने को कहा । पर गुरु साहब ने कहा कि सीस कटा सकते हैं, केश नहीं। इस पर औरंगजेब ने सबके सामने उनका सिर कटवा दिया। गुरुद्वारा शीश गंज साहिब तथा गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब उन स्थानों का स्मरण दिलाते हैं जहां गुरुजी की हत्या की गयी।
इस अवसर पर गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी रणजीत सिंह के साथ जगदीश चिंदा, सोमनाथ चावला, हरभगवान चोपड़ा, रमेश मेहता, दीपक चावला, राजेश मेहता, पूजा खन्ना, स्नेहा अनेजा, मनोज मेहता, दीपिका, हरीश हंस आदि भी मौजूद रहे।

