गोहाना का सिविल अस्पताल बनने के 13 साल बाद अब होगी भवन की मरम्मत ; अस्पताल की छत, रैंप, सिढियां हैं जर्जर, बरसात होने पर छत से टपकता है पानी, आने-जाने के लिए तैयार किये जाएगें अलग-अलग रास्ते

गोहाना :- सिविल अस्पताल बनने के 13 साल बाद भवन की मरम्मत होगी। अस्पताल की छत, रैंप, सिढियां जर्जर हैं। बरसात होने पर छत से पानी टपकता है।अधिकारियों ने इसके लिए प्रपोजल तैयार किया है। मुख्यालय से बजट जारी होने के बाद भवन के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू होगा। सिविल अस्पताल का भवन लंबे समय से मरम्मत नहीं होने से कई स्थानों से जर्जर हो चुका है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अस्पताल की सिढियां, इमरजेंसी प्रवेश द्वारा का छज्जा, छत जर्जर हैं। अस्पताल में मरीजों का आना-जाना इमरजेंसी गेट से ही होता है। गेट के ऊपर का छज्जा जर्जर होने से हादसा की आशंका बनी रहती है। वहीं छत भी काफी पुरानी है। उसका लेवल भी सही नहीं है। बरसात होने पर पानी एकत्रित हो जाता है और टपकता है। सिविल अस्पताल में छत का निरीक्षण करते हुए डॉ. राकेश रोहिल्ला व खंड विस्तार शिक्षक राजेश भारद्वाज। क्वार्टरों में जाने के रास्ते का होगा नवनिर्माण सिविल अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए क्वार्टर बने हैं। क्वार्टरों में जाने के लिए रास्ता भी अलग से बना है।
समय पर मरम्मत नहीं होने से रोड जर्जर हो चुकी है। यह रोड लो लाइन एरिया में बनी है। बारिश होने पर रोड पर एक से दो फीट तक पानी भर जाता है, जिससे आना-जाना दूभर हो जाता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से क्वार्टरों के रोड की ऊंचाई बढ़ाकर नवनिर्माण कराया जाएगा।
आने-जाने के लिए तैयार किये जायेंगे अलग-अलग रास्ते सिविल अस्पताल में आने-जाने का एक ही रास्ता है। यह रास्ता अधिक चौड़ा नहीं हैं। इससे एक साथ दो वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकती है। सामने से वाहन आने पर एक वाहन को पीछे हटना पड़ता है। अस्पताल में आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते का प्रपोजल रखा गया है।
“अस्पताल के भवन की मरम्मत करवाई जानी है। इसके तहत अस्पताल की छत, रैंप, प्रवेश द्वार, क्वार्टरों के रोड की मरम्मत होनी है। जल्द ही प्रपोजल मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय से मंजूरी व बजट जारी होने पर मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। -डॉ. संजय छिक्कारा, एसएमओ, सिविल अस्पताल, गोहाना ।


