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गोहाना में दिवाली पर पटाखों के धमाकों तले दब कर रहे गए प्रशासनिक आदेश, लोगों का सांस लेना हुआ दुभर
त्योहार पर हुई आतिशबाजी से देर रात हवा में फिर प्रदूषण का जहर घुल गया। एक्यूआई का स्तर 30 से बढ़कर 248 के अधिकतम स्तर पर पहुंच गया। यह औसत 138 रहा। धूल व धुएं के गुब्बार से सांस लेना मुश्किल हो गया।
गोहाना :-दिवाली पर प्रदूषण के चलते जारी प्रशासनिक आदेश पटाखों के धमाकों तले घुट कर दम तोड़ गए। ग्रैप चार के बावजूद न केवल पटाखों की खरीद फरोख्त हुई, बल्कि देर रात तक इनके धमाकों से शहर दहलता रहा। लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। इसका असर वातावरण पर भी साफ नजर आया। रात को ही पटाखों के धुएं से अस्थमा व दमा रोगियों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया।
पटाखों ने धमाके के साथ रोशनी ही नहीं, ढेर सारा धुआं भी उगला। ये धमाके शाम से देर रात तक जारी रहे। त्योहार पर हुई आतिशबाजी से देर रात हवा में फिर प्रदूषण का जहर घुल गया। धूल व धुएं के गुब्बार से सांस लेना मुश्किल हो गया। दमा व अस्थमा रोगियों को मुंह पर कपड़ा लपेटना पड़ा तो आम आदमी को भी तकलीफ उठानी पड़ी। यही नहीं, पटाखों के कारण सोमवार को एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। एक्यूआई शाम करीब साढे पांच बजे 396 दर्ज किया गया।
दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद डॉक्टरों के यहाँ सोमवार को सांस के मरीजों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों ने उनकी जांच कर उचित परामर्श व दवा दी। कुछ मरीजों को नेब्यूलाइज भी करना पड़ा। इसके बाद उनके लिए सांस लेना आसान हुआ। हालात ये रहे डॉक्टरों के क्लिनिक पर मरीजों की भीड़ लगी रही।


