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सांसों में धुआं-धुआं, फेफड़े सोख रहे जहर ; प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने के कारण चिकित्सक एहतियात बरतने की दे रहे हैं सलाह

सोनीपत :- लगातार बढ़ रहे प्रदूषण का असर लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रह है। वातावरण में स्मॉग छाने से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने से लोग ऑक्सीजन की जगह धुआं ले रहे हैं। इससे लोगों के फेफड़ों में प्रदूषण का जहर भर रहा है। जिले में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 455 तक पहुंच गया। साथ ही पीएम-10 व पीएम 2.5 का स्तर 500-500 दर्ज किया गया। प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने के कारण चिकित्सक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

दिवाली से पहले ही लगातार बढ़ रहे प्रदूषण की वजह से सुबह-शाम के साथ ही रात में स्मॉग छाने लगा है। शुक्रवार को भी सुबह स्मॉग का असर दिखाई दिया। वातावरण में स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत होने के साथ आंखों में जलन हो रही है। साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्मॉग काफी खतरनाक है। वातावरण में नमी बढ़ती जा रही है। दिन के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अंतर बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.4 व न्यूनतम तापमान 17.1 दर्ज किया गया। इसकी वजह से प्रदूषित कण वातावरण के ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। इससे स्मॉग बढ़ गया है। शुक्रवार को एक समय एक्यूआई 465 तक पहुंच गया था।

सोनीपत में सेटेलाइट से प्राप्त हो चुकी है 58 लोकेशनखरीफ सीजन में फसल के अवशेषों में आग लगाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब तक सोनीपत जिले में कृषि विभाग को सेटेलाइट से 58 लोकेशन प्राप्त हुई हैं। इनमें से 17 लोकेशन पर फसल अवशेष जलते हुए मिले। वहीं कृषि विभाग को अन्य सूत्रों के माध्यम से भी 20 जगहों पर फसल अवशेष में आगजनी की सूचना मिली थी। जिसके बाद संबंधित किसानों के खिलाफ जुर्माना लगाया गया है। अब तक फसल अवशेषों में आगजनी करने पर किसानों पर 92500 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
हवा की धीमी गति ने बढ़ाई प्रदूषण की समस्या

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प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह हवा की गति धीमी होना है। शुक्रवार को 6 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवा चली। इससे वातावरण साफ नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक हवा की गति तेज नहीं होती तब तक प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ेगी।

इस तरह होता है औसत एक्यूआई
एक्यूआई को 0-50 के बीच अच्छा, 51-100 तक संतोषजनक, 101-200 तक मध्यम, 201-300 तक खराब, 301-400 तक बेहद खराब व 400 से 500 तक गंभीर माना जाता है।

ग्रैप-3 लागू होने से यह पाबंदी बढ़ी

ग्रैप-3 लागू होने से किसी भी तरह के निर्माण पर रोक रहेगी। दीवारों पर रंगाई पुताई भी नहीं कर पाएंगे। हॉट मिक्स प्लांट, ईंट के भट्ठे और स्टोन क्रशर चलाने पर रोक लगी रहेगी। होटल, रेस्तरां और खुले भोजनालयों के तंदूर में कोयले और जलावन लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। एनसीआर में सभी खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों को बंद रखा जाएगा।
डीसी ने दिए सभी एसडीएम को फ्लैग मार्च निकालने के आदेश
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालने के निर्देश दिए हैं। इससे उनके साथ राजस्व विभाग, पंचायत विभाग, कृषि विभाग व फायर ब्रिगेड की टीम शामिल रहेगी। अगर किसान आगजनी करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ निवारक कार्रवाई कराकर पुलिस गिरफ्तार करेगी। साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।

वायु गुणवत्ता के स्तर को सुधारने के लिए प्रशासन की तरफ से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं पर नजर रखने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आगजनी करने वालों से सख्ती से निपटा जाए। जिले में ग्रैप-3 भी लागू किया जा चुका है।

-डॉ. मनोज कुमार, जिला उपायुक्त, सोनीपत।
Khabar Abtak

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