गोहाना में पराली न जलाने के लिए जागरूक करने गांवों में पहुंचे एस.डी.एम.
गोहाना :- 4 नवम्बर : एस.डी.एम. आशीष वशिष्ठ ने कृषि विभाग, पुलिस, राजस्व तथा पंचायत विभाग के कर्मचारियों के साथ गोहाना उपमंडल के दर्जन भर गांवों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों को पराली न जलाने के प्रति जागरूक किया। वशिष्ठ ने कहा कि लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए जरूरी है कि कोई भी किसान पराली न जलाएं।
एस.डी.एम. गांव आहुलाना, भण्डेरी, कथूरा, धनाना, रिढाना, बनवासा, कैहल्पा और छपरा में पहुंचे। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी के साथ स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचता है। पराली जलाने से हमारी मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है। पराली को विभिन्न कृषि यंत्रों के माध्यम से मिट्टी में ही मिलाएं।
एसडीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ऐसे किसानों को एक हजार रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जा रही है जो इन फसल अवशेषों को जलाने की बजाय कृषि यंत्रों की सहायता से मिट्टी में मिलाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान खुद भी प्राली न जलाएं और दूसरे लोगों को भी पराली न जलाने के प्रति जागरूक करें।
आशीष वशिष्ठ ने कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र भी मुहैया करवाए जा रहे है। इसके अलावा अगर कोई किसान पराली जलाता मिला तो उसे भविष्य में सरकार द्वारा अनुदान पर कोई भी कृषि यंत्र नहीं दिया जाएगा और उस खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। इस मौके पर तहसीलदार विकास कुमार, कृषि विभाग के एस.डी.ओ. डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेहरा आदि भी मौजूद रहे।
एस.डी.एम. ने दौरे से पहले कृषि, पुलिस, राजस्व तथा पंचायत विभाग के अधिकारियों के साथ लघ सचिवालय में बैठक ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में रहें और अपने क्षेत्र में विशेष निगरानी बनाए रखें ताकि भविष्य में पराली जलाने को कोई भी मामला न आ सके। उन्होंने कहा कि अगर उनके क्षेत्र में कोई मामला आया तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी।


