आशा वर्करों के ड्यूटी संभालने से सुचारू हुआ काम : डॉ. संजय
आशा वर्कर विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं।
गोहाना :- उपमंडल क्षेत्र की आशा वर्करों ने हड़ताल खत्म होने के बाद अपना काम संभाल लिया। उनके फील्ड में विभाग के अभियान के तहत काम शुरू कर दिए हैं। इससे जहां टीकाकरण व पंजीकरण समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौटी हैं, वहीं चिकित्सा अधिकारियों के साथ आमजन को भी राहत मिली है।
उपमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 239 आशा वर्कर कार्यरत हैं। इनमें 114 की सिविल अस्पताल और 125 की भैंसवाल कलां सीएचसी क्षेत्र में ड्यूटी लगी हुई हैं। आशा वर्करों का बच्चों व महिलाओं का समय पर टीकाकरण, जन्म एवं मृत्यु की जानकारी, 12 सप्ताह के दौरान गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, बच्चों की मानसिक गतिविधियां पता लगाने के लिए घर-घर जाकर उनकी जांच करने समेत अन्य विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराने में अहम योगदान होता है, लेकिन बीते करीब ढाई महीने से यह कार्य प्रभावित हो रहे थे। आशा वर्कर अपने वेतन वृद्धि व अन्य मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रही थी।
इसका सीधा असर टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। इसके चलते विभागीय अधिकारियों को जन्म एवं मृत्यु की समय पर जानकारी नहीं मिल रही है। हर रोज बच्चों व महिलाओं का टीकाकरण कम हो रहा था और पोषण माह पखवाड़ा, एनीमिया मुक्त अभियान, बच्चों की घरों में भी जांच समेत अन्य कार्य प्रभावित हो रहे थे। हालांकि चिकित्सा अधिकारियों ने काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए नर्सिंग अफसरों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन पूरी तरह से व्यवस्थित काम नहीं हो रहा था। अब 73 दिन की हड़ताल के बाद आशा वर्करों ने अपना काम संभाल लिया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह नियमित रूप से लोगों को मिल रही हैं।
आशा वर्करों के ड्यूटी संभालने से सुचारू हुआ काम : डॉ. संजय
^आशा वर्कर विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं। उनके हड़ताल खत्म करके ड्यूटी संभालने से स्वास्थ्य सेवाओं का काम सुचारू रूप से शुरू हो गया है। इससे आमजन को भी घर तक समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
डॉ. संजय छिक्कारा, एसएमओ, सिविल अस्पताल, गोहाना


