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गोहाना के हरियाणा रोडवेज डिपो ने सरकार के पास भेजी नई बसों की मांग
गोहाना :- रोडवेज के बेड़े में सरकारी बसों की कमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गोहाना बस अड्डे के 50 फीसदी रूट सरकारी बसों पर निर्भर हैं। ऐसे में इन रूटों पर यात्रियों को बस पास की सुविधा नहीं मिल रही है। इससे रोडवेज को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। यात्रियों की मांग पर रोडवेज अधिकारियों ने मुख्यालय को नई बसों की मांग भेजी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार जल्द ही नई बसों को उपलब्ध करवाएगी, जिससे यात्रियों की परेशानी खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। गोहाना बस डिपो में 51 सरकारी और 18 किलोमीटर स्कीम की बसें हैं। यहां से 54 रूटों पर बसों का परिचालन किया जा रहा है। लंबे रूट पर किलोमीटर स्कीम की 3 से 4 बसें एक रूट पर चलती हैं। ऐसे में लोकल रूटों पर सरकारी और सहकारी समिति की बसें चल रही हैं। गोहाना बस अड्डे पर स्थिति यह है कि कुछ रूट ऐसे हैं जिन पर एक या 2 ही सरकारी बसें चलती हैं, बाकी रूटों पर सहकारी समिति की बसें चलती हैं। अब रोडवेज ने बसों का सर्वे कर रूटों की सूची तैयार की है। सरकार के पास नई बसों की मांग भेजी है। अधिकारियों के अनुसार 25 से 30 बसों की आवश्यकता है। बसों के मिलने से यात्रियों को सफर करने में परेशानी नहीं होगी।
सहकारी समिति की बसों में नियमों की हो रही अवहेलना
गोहाना बस अड्डे से सहकारी समिति की करीब 70 बसों का परिचालन होता है। इन बसों में न तो सीसीटीवी कैमरे हैं और न ही मानकों के अनुसार यात्रियों को सुविधा दी जा रही। सहकारी समिति के परिचालकों और चालकों की यात्री शिकायत देते हैं, लेकिन यात्री बसों की किल्लत की वजह से सहकारी बसों में सफर करने के लिए मजबूर हैं।
बसों की मांग मुख्यालय भेजी गई है। जिन रूटों पर सवारियां अधिक हैं उन पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। नई बस मिलने के बाद किसी भी रूट पर बस की दिक्कत नहीं रहेगी।
-दिलबाग सिंह, डीआई, सब डिपो, गोहाना।


