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मां कृप देवी मित्तल के बाद पर्व वाइस चेयरमैन बेटे के नेत्र भी हुए अमर

गोहाना :- 22 सितम्बर : गोहाना नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन राधेश्याम मित्तल (86) के नेत्र शुक्रवार् को अमर हो गए। उनसे पहले उनकी मां कृप देवी मित्तल का निधन होने पर परिवार ने उनका भी नेत्रदान करवाया था। स्व. राधेश्याम के नेत्रदान को स्वीकार करने के लिए दिल्ली के दरियागंज से श्रॉफ आई बैंक की टीम पहुंची। यह नेत्रदान गोहाना की रक्तदान – नेत्रदान- देहदान के लिए समर्पित संस्था आहुति के माध्यम से हुआ। पूर्व वाइस चेयरमैन क्षेत्र के 979वें नेत्रदाता बने राधेश्याम मित्तल ने लगातार तीन बार पार्षद निर्वाचित हो कर हैट्रिक बनाई थी। वह नगर परिषद के वाइस चेयरमैन भी रहे।

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उनके पिता स्व. साधुराम मित्तल प्रख्यात स्वाधीनता सेनानी थे जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अनेक बार जेल यात्रा की थी। राधेश्याम मित्तल पानीपत में बड़े बेटे के पास गए हुए थे। दो दिन पहले ही वह वहां से गोहाना आए थे जहां गुरुवार की रात को 9 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। उनके नेत्रदान की पहल उनके बेटे-बहू शिव कुमार और आशा, अशोक और मीनाक्षी, विनोद और निर्मल तथा अनिल और मनीषा के साथ बेटी-दामाद में सुनीता -राज कुमार और राजेश कुमार ने की। राधेश्याम मित्तल सात भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके नेत्रदान के लिए सहमति उनके भाई-भाभी ओम प्रकाश
मित्तल, महावीर प्रसाद मित्तल और शकुंतला मित्तल, राम कुमार मित्तल और माधुरी मित्तल, श्रीनिवास मित्तल और सरोज मित्तल, राजेंद्र मित्तल और कांता मित्तल तथा विजय मित्तल और किरण मित्तल के साथ बहन माया गर्ग पत्नी स्व. ओम प्रकाश गर्ग तथा उर्मिला गोयल पत्नी स्व. कौशल गोयल ने की।

आहुति से नेत्रदान का आग्रह राम कुमार मित्तल ने
किया जो राधेश्याम मित्तल के छोटे भाई हैं। वह सोनीपत विहिप के पूर्व जिलाध्यक्ष, गोहाना टैक्स बार एसोसिएशन, गीता विद्या मंदिर और अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष हैं। स्व. राधेश्याम मित्तल के नेत्रदान को स्वीकार करने के लिए श्रॉफ आई बैंक से टेक्नीशियन आर. डी. शर्मा की टीम पहुंची। आहुति की टीम सुरेंद्र विश्वास, बंटी हंस और दीपक मखीजा पर आधारित थी। राधेश्याम मित्तल की मां कृप देवी मित्तल का जब स्वर्गवास हुआ था, तब परिवार ने उनका भी नेत्रदान करवाया था। इस तरह से मां के बाद अब बेटे के भी नेत्र अमर हो गए हैं।

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