उपमंडल में जलभराव के डेढ़ महीने बाद भी खेतों से बरसात के संपूर्ण पानी की नहीं हो पाई है निकासी ; अब भी करीब 150 एकड़ में है जलभराव
गोहाना :- उपमंडल के जलभराव के डेढ़ महीने बाद भी खेतों से बरसात के संपूर्ण पानी की निकासी नहीं हुई है। रूखी और छिछड़ाना गांव के खेतों में अब भी करीब 150 एकड़ में जलभराव है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने खेतों का दौरा किया और कर्मचारियों को पानी की निकासी तेजी से कराने के लिए मोटरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार खेतों से पानी की निकासी में अभी 10 दिन का समय लगेगा।
मानसून सीजन के दौरान क्षेत्र में हुई अधिक बरसात से करीब 20 हजार एकड़ में जलभराव हो गया था। खेतों में पानी का स्तर छह से सात फीट तक था। सबसे अधिक रूखी व छिछड़ाना गांव के खेतों में पानी का स्तर था। ऐसे में पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग ने पंपसेट और मोटर चलाई हुई हैं, लेकिन अब डेढ़ महीने बाद भी खेतों में संपूर्ण पानी की निकासी नहीं हुई है। ऐसे में लंबे समय तक खेतों में जलभराव रहने के कारण किसानों की फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है।
खराब हुई सभी फसलों का मुआवजा दे सरकार किसान संदीप मलिक व कृष्ण मलिक का कहना है कि खेतों में जलभराव के कारण किसानों की फसलें खराब हो गईं हैं। खराब होने वाली फसलों में धान के साथ गन्ना, कपास और चारा भी शामिल हैं। सरकार ने अभी केवल धान का मुआवजा देने की ही घोषणा की है, जबकि नुकसान दूसरी फसलों को भी हुआ है। किसानों को राहत देने को सरकार को सभी फसलों का मुआवजा देना चाहिए।
उपमंडल में केवल छिछड़ाना और रूखी गांव के खेतों में जलभराव बचा है। इन गांवों के खेतों से पानी की निकासी के लिए आठ मोटर लगाई हुई हैं। पानी की निकासी तेजी से कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।-सुजीत, एसडीओ, सिंचाई विभाग।


