बिजली निगम ने 35072 उपभोक्ताओं को डिफाल्टर घोषित किया है इन पर निगम के 96.01 करोड़ रुपए बिजली बिल के बकाया है।

गोहाना :- शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली निगम के बड़ी संख्या में उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। समय पर बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने पर निगम ने 35072 उपभोक्ताओं को डिफाल्टर घोषित किया है। इन उपभोक्ताओं पर निगम के 96.01 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया है। समय पर बिलों का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं में उपमंडल के सरकारी विभाग भी शामिल हैं। ऐसे में निगम पहले कर्मचारियों के माध्यम से दरबार लगाकर रिकवरी कराएगा। उसके बाद भुगतान न करने वालों के कनेक्शन भी काटेगा।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में निगम के करीब 1.14 लाख उपभोक्ता है। इन उपभोक्ताओं को निगम प्रतिदिन लाखों यूनिट बिजली सप्लाई देता है। इनमें से 35072 उपभोक्ता नियमित रूप से बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते निगम ने इन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया है। निगम अधिकारियों ने इनमें से से 18460 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे हुए हैं। इसके अतिरिक्त डिफाल्टर घोषित होने के बावजूद 16612 उपभोक्ताओं के कनेक्शन नहीं काटे गए हैं।
बिजली बिल का भुगतान नहीं होने से प्रत्येक महीने बकाया राशि बढ़ जाती है। अधिकारियों के अनुसार डिफाल्टर उपभोक्ताओं को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए रिकवरी का विशेष अभियान चलाया जाएगा। निगम कर्मचारी गांव में बिजली दरबार लगाकर डिफाल्टर उपभोक्ताओं से रिकवरी का कार्य करेंगे। बिलों का भुगतान नहीं होने पर डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। वहीं पहले से कटे हुए कनेक्शनों के उपभोक्ताओं पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी विभागों पर भी भुगतान करने में पीछे सामान्य उपभोक्ताओं के साथ-साथ सरकारी विभागों पर भी करोड़ों रुपए के बिजली बिल बकाया है। उपमंडल के तीन मुख्य विभागों पर 8.80 करोड़ रुपए बकाया है। इनमें नगर परिषद पर 2.92 करोड़, ड्रेनेज विभाग पर 96 लाख और जन स्वास्थ्य विभाग पर 4.91 करोड रुपए बकाया हैं।
डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर ज्यादा बिल राशि बकाया है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं से रिकवरी के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। कर्मचारी उपभोक्ताओं को बिलों का भुगतान करने के लिए प्रेरित करेंगे। सरकारी विभागों को भी बकाया बिलों का भुगतान करने के लिए पत्र लिखा है। -धर्मवीर, एक्सईएन, बिजली निगम, गोहाना


