हरियाणा सरकार ने नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के चेयरमैन और चेयरपर्सन को बनाया और पावरफुल
नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के अध्यक्षों को अब अन्य सुविधाओं के साथ गाड़ी, गनमैन और असिस्टेंट की सुविधा भी मिलेगी।
गोहाना :- हरियाणा सरकार ने नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के चेयरमैन और चेयरपर्सन को और पावरफुल बना दिया है। मंगलवार को सी. एम. मनोहर लाल खट्टर और नगर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के साथ हुई बातचीत में प्रमुख मांगों पर स्वीकृति की मोहर लगा दी गई। नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के अध्यक्षों को अब अन्य सुविधाओं के साथ गाड़ी, गनमैन और असिस्टेंट की सुविधा भी मिलेगी। नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के चेयरमैन और चेयरपर्सन सी.एम. से रजनी इंद्रजीत विरमानी के नेतृत्व में मिले। रजनी इंद्रजीत विरमानी गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन हैं। वह हरियाणा नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष हैं। सी.एम. और नगर निकाय मंत्री से सीधी बातचीत के बाद प्रदेश अध्यक्ष रजनी इंद्रजीत विरमानी ने कहा कि बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। सी.एम. प्रमुख मांगों को ले कर अत्यन्त सकारात्मक थे तथा उन्होंने उन्हें पूरा करने की मंजूरी भी दे दी।
विरमानी के अनुसार अब नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में पेमेंट अप्रवल कमेटियां बनेंगी। इन कमेटियों के अध्यक्ष सम्बद्ध नगर पालिका और नगर परिषद के चेयरमैन और चेयरपर्सन होंगे। अब अधिकारी अपने स्तर पर कोई भुगतान नहीं कर सकेंगे। उन्हें पेमेंट अप्रूवल कमेटी से अनुमति लेनी होगी।कमेटी के अध्यक्ष उस नगर निकाय के चेयरमैन या चेयरपर्सन होंगे। नगर पालिका एवं नगर परिषद अध्यक्ष एसोसिएशन की प्रदेश
अध्यक्ष ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार से अध्यक्षों और नगर पार्षदों का मानदेय बढ़ाने की गुजारिश भी की। इस समय अध्यक्ष को मानदेय 10500 रुपए और पार्षदों को 7500 रुपए मिल रहा है। रजनी इंद्रजीत विरमानी ने आगे बताया कि प्रतिनिधिमंडल से सी.एम. से आग्रह किया कि चेयरमैन और चेयरपर्सन को ई.ओ.और सचिव की ए. सी. आर. लिखने का अधिकार दिया जाए। सरकार इस बात के लिए भी तैयार हो गई कि कोई भी पत्राचार अब सीधे अधिकारियों से नहीं होगा, इसे अब अध्यक्षों के माध्यम से किया जाएगा।
एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पंचायतों की तर्ज पर नगर पालिकाओं और नगर परिषदों को भी अपने क्षेत्र में स्थित ऐसी धर्मशालाओं की रिपेयर का अधिकार प्रदान किया जाए जिन की मल्कियत के दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। रजनी इंद्रजीत विरमानी ने बताया कि सी.एम. से मुलाकात करवाने में मुख्य भूमिका भाजपा के प्रदेश प्रभारी और त्रिपुरा के पूर्व सी.एम. बिप्लव देव तथा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ की रही। मनोहर लाल खट्टर से पहले नगर पालिकाओं और नगर परिषदों के अध्यक्ष बिप्लव देव और धनखड़ से मिले। दोनों नेताओं के प्रयासों से ही नगर निकायों के अध्यक्षों की भेंट सीधे सी.एम. मनोहर लाल खट्टर से संभव हो पाई। हरियाणा नगर पालिका एवं नगर परिषद एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नई शक्तियों के साथ अब चेयरमैन और चेयरपर्सन जनता की ज्यादा बेहतर सेवा कर पाएंगे। सी.एम. मनोहर लाल खट्टर से जिस प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की, उसमें हरियाणा नगर पालिका एवं नगर परिषद एसोसिएशन की अध्यक्ष तथा गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी के साथ भिवानी के भवानी प्रसाद, नूह के संजय मनोचा, धारूहेड़ा के कंवरपाल, जींद की डॉ. अनुराधा सैनी, कैथल की सुरभि गर्ग, होडल के शीशपाल, फिरोजपुर झिरका के मनीष जैन, टोहाना के नरेश बंसल, पुन्हाना के बलराज सिंगला तथा नारनौल की कमलेश सैनी थे।


