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शिक्षक दिवस पर सरकारी स्कूल के 69 शिक्षकों को किया सम्मानित ; सीमा अहलावत को स्कूल में बच्चों की स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए किया सम्मानित ; छात्राओं को शारीरिक बदलाव के लिए किया जागरूक

पानीपत :- प्रदेश सरकार ने शिक्षक दिवस पर सरकारी स्कूल के शिक्षकों की उपलब्धियों को देखते हुए राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। सरकार ने इस शिक्षक दिवस पर प्रदेश की 69 शिक्षकों को सम्मानित किया। 2021-22 की लिस्ट में पानीपत के 3 शिक्षकों को सम्मानित किया। वहीं, 2022-23 की लिस्ट में चार शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

2022-23 की लिस्ट में सम्मानित हुई टीचर सीमा अहलावत को स्कूल में बच्चों की स्ट्रेंथ बढ़ाने और स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

वर्ष 2000 में टीचर पद पर भर्ती हुई सीमा अहलावत ने बताया कि वह अब तक चार स्कूलों में अपनी सेवाएं दे चुकी है। वह जिस भी स्कूल में कार्यरत रही, उन्होंने स्कूल की स्ट्रेंथ पर अक्सर फोकस रखा। रिजल्ट हमेशा 100% तक रहा। इतना ही नहीं जिस स्कूल में भी वह कार्यरत रहीं वहां ड्रॉप आउट शून्य रहा। इनके अलावा संस्कृति कार्यक्रम में भी स्कूल के बच्चों की अच्छी परफॉर्मेंस रही है।

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कोरोना काल में घर-घर जाकर दी किताबें
सीमा अहलावत बतातीं है कि वह बच्चों को कोरोना कल में उनके घर-घर पहुंचकर किताबें पहुंचती रही हैं, ताकि उनकी शिक्षा पर कोई प्रभाव न पढ़ सके। सीमा का मानना है की जिस ग्रामीण क्षेत्र में वह बच्चों को शिक्षा दे रही है। वहां के लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और बच्चों के पास फोन भी नहीं थे, इसलिए उन्होंने बच्चों को घर-घर जाकर किताबें दी और उन्हें शिक्षा प्रदान की।

उनका मानना है कि जिस स्कूल में वह बच्चों को शिक्षा दे रही, उसे गांव के लोगों का बच्चों को शिक्षा देने की तरफ रुझान नहीं था। खासकर लड़कियों की शिक्षा पर इस क्षेत्र के लोग ध्यान नहीं देते थे। उनके माता-पिता से जाकर मिलना और उन्हें शिक्षा के बारे में जागरूक किया। साथी उन्होंने बच्चियों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी और साथ ही उनमें शारीरिक और मानसिक रूप से होने वाले बदलाव के बारे में भी उन्हें बताया।

छात्राओं को अपनी बेटी की तरह की करती हैं ट्रीट
बेटियों को लेकर सीमा ने तत्परता से कार्य किया। जिसके लिए आज उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। 2019 में सीमा अहलावत तबादला होकर पानीपत की यमुना तलहटी के क्षेत्र के गांव रासलापुर में आई थी। उस समय स्कूल में बच्चों की संख्या करीब 100 थी, आज वह बढ़कर 168 हो गई है।

उन्होंने ने घर-घर जाकर परिजनों को शिक्षा का महत्व समझाया और स्कूल में बच्चों की स्ट्रेंथ को बढ़ाया है। सीमा अहलावत का मानना है कि वह भी एक बेटी की मां है और स्कूल की में पढ़ने वाली हर बेटी भी उसकी ही बेटी की तरह है। इसलिए वह उन्हें हर तरीके से मजबूत बनाने के लिए तत्पर रही हैं।

Khabar Abtak

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