अंतरराष्ट्रीय चिंतकों ने वर्तमान-भविष्य की तस्वीर पेश की


गुरुग्राम, (अनिल जिंदल) 26 फरवरी । एसजीटी यूनिवर्सिटी में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कांफ्रेंस में देश-विदेश के वर्तमान विचारोत्तेजक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई, कांसेप्ट बताए गए, भविष्य की तस्वीर पेश की गई।
अंतरराष्ट्रीय चिंतकों, थिंक टैंक, वक्ताओं के संबोधन के निष्कर्षों में डेमोक्रेसी, भारत-रोमानिया के लोकतंत्र का तुलनात्मक विश्लेषण, एआई का व्यापक फलक, भारत-रूस के साझा मसले, विज्ञान, लैंग्वेज बैरियर, सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, कल्चरल मिसअंडरस्टैंडिंग्स आदि पर स्पष्ट विजन उभर कर सामने आया। मॉडरेटर डॉ. नंदिनी बसिष्ठ के बेहतरीन कोआर्डिनेशन से पैनल डिस्कशन की प्रस्तुति बेहद प्रभावशाली रही। इसमें ये रहे मौजूद –
• डॉ.ऑरोरा मार्टिन, एसोसिएट प्रोफ़ेसर,रोमानियन लैंग्वेज इंस्टीट्यूट, ब्रुसोव स्टेट यूनिवर्सिटी, येरेवान(आर्मेनिया)
• डा. टिटिपोल फाक्दिवानिच, डायरेक्टर, रीजनल सेंटर फार ह्यूमन राइट्स स्टडी एंड कोआर्डिनेशन एंड फैकल्टी ऑफ पॉलिटिकल साइंस, उबोन रैचाथानी यूनिवर्सिटी, थाईलैंड
• डॉ आर्टिओम गारिन, हैड, डिजिटल लैबोरेटरी, इंस्टीट्यूट ऑफ ओरिएंटल स्टडीज, रशियन एकेडमी ऑफ साइंसेज, रूस
• अनामिका भट्टाचार्जी, स्कॉलर, यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया, यूनाइटेड किंगडम
• सिंथिया फ्रांसिस, रिसर्चर, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, यूनाइटेड किंगडम।

