गोहाना :- आईटीआई में विद्यार्थियों को कंपनियों में प्रयोग हो रही टेक्नोलॉजी के आधार पर ही प्रशिक्षित किया जाएगा। आईटीआई, गोहाना ने ड्युअल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग के अंतर्गत शुगर मिल आहुलाना और रीबा टेक्सटाइल के साथ एमओयू साइन किया है। विद्यार्थी कंपनी में जाकर प्रशिक्षण ले सकेंगे।
कंपनियों में कुशल कामगारों की हर समय जरूरत रहती है। अधिकांश कंपनियां आईटीआई से पास आउट विद्यार्थियों को ही प्राथमिकताएं देती हैं। कंपनियों में कार्य तेजी और कुशलता से करने के लिए आधुनिक मशीनों का प्रयोग होता है। आईटीआई में मशीनें जल्दी नहीं बदली जाती हैं। ऐसे में आईटीआई से पास होने पर विद्यार्थियों को कंपनियों की आधुनिक मशीनों पर कार्य करने का अनुभव नहीं होता है, जिससे उन्हें कार्य करने में असुविधा होती है। इसे देखते हुए सरकार ने आईटीआई के विद्यार्थियों को कंपनियों में ही प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत विद्यार्थी संस्थान में थ्योरी की पढ़ाई करेंगे। थ्योरी पूर्ण होने पर विद्यार्थी कंपनी में जाकर प्रशिक्षण लेंगे। कंपनी में प्रशिक्षण प्राप्त करने केतीन से 12 माह की होगी प्रशिक्षण की अवधि आईटीआई के विद्यार्थियों की कंपनियों में प्रशिक्षण की अवधी ट्रेड के आधार पर अलग-अलग होती है। एक वर्ष के कोर्स के लिए प्रशिक्षण अवधी तीन से छह माह तक होगी। वहीं दो वर्ष के कोर्स के लिए विद्यार्थियों छह से 12 माह तक कंपनियों में प्रशिक्षण दिया जाता है।
कंपनी के साथ किया है एमओयू विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने के लिए कंपनी के साथ एमओयू किया है। चालू सत्र से ही विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के लिए कंपनी में भेजे जाएंगे। इससे विद्यार्थियों की कार्यकुशलता बढ़ेगी, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी। -अजय खोखर, प्राचार्य, आईटीआई, गोहाना



