आठ साल से गोहाना का दक्षणी बाईपास फाइलों में,शहर में बदहाल सड़कें,जाम से जूझते लोग
गोहाना :- शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए करीब आठ साल से बाईपास की घोषणा बनी थी, लेकिन आजतक इसपर एक कदम भी नहीं उठा है। एक तरफ वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, दूसरी तरफ सड़कों पर बने अतिक्रमण के कारण लोग दिनभर जाम से जूझ रहे हैं। इन सड़कों पर अतिक्रमण के साथ ही बेतरतीब वाहनों के खड़े करने से जाम लग रहा है।
यही नहीं पुलिस व नगर परिषद द्वारा कार्रवाई के बावजूद नियमों का उल्लंघन हो रहा है। ऐसे में शहरवासी सरकार से जल्द बाईपास बनाने की मांग कर रहे हैं। गोहाना शहर में बनी सड़कें जींद, पानीपत, रोहतक, महम, जुलाना, सोनीपत, खरखौदा समेत विभिन्न मुख्य मार्गों व गांवों को आपस में जोड़ती हैं। इन्हीं सड़कों से प्रतिदिन हजारों लोग अपने वाहनों को लेकर आवागमन करते हैं। इन सड़कों को संबंधित विभागों न चौड़ी तो बनाया है, लेकिन अतिक्रमण व बेतरतीब वाहनों को खड़ा करने से सड़कें संकरी हो जाती हैं। इससे सड़कों पर हर 10 मिनट बाद लंबा जाम लगता है। इससे आमजन व अन्य वाहन चालकों को शहर पार करने में 10 की बजाय 20 से 25 मिनट लग रही हैं।
इन सड़कों पर जाम की सबसे अधिक समस्या शहर में अतिक्रमण व जाम की सबसे अधिक समस्या पुराना बस स्टैंड, महावीर चौक, सिविल रोड, महम मोड़, डॉ. भीमराव अम्बेडकर चौक व बरोदा रोड पर है। यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए नप द्वारा बार-बार अभियान भी चलाया जा रहा है, लेकिन दुकानदार व रेहड़ी संचालक अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। दूसरी तरफ, जाम से निपटने के लिए पुलिस की पांच राइडर व एक ट्रैफिक टीम को भी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसके बावजूद शहर में जाम कम नहीं हो रहा है।


