गोहाना :- शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग गर्भवती महिलाओं को हर सप्ताह फोन कर हाल पूछेंगे। इस अभियान में प्रथम चरण में हाई रिस्क डिलीवरी की महिलाओं को शामिल किया है। इसके तहत आशा वर्कर प्रत्येक दूसरे दिन, एएनएम सप्ताह में दो बार व एसएमओ एक बार फोन कर महिला से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर आशा वर्कर महिला को अस्पताल भी लेकर आएंगी। सिविल अस्पताल में प्रतिदिन छह से सात महिलाओं की डिलीवरी होती है।
इसमें कई रिस्क डिलीवरी के केस होते हैं, जिन्हें अधिक देखभाल की जरूरत होती है। अब विभाग महिलाओं की गर्भावस्था के समय से नियमित देखभाल करेगा। इसके लिए आशा वर्कर अपने क्षेत्र की हाई रिस्क डिलिवरी की महिलाओं को चिह्नित कर अधिकारियों को रिपोर्ट देंगी। आशा वर्कर प्रत्येक दूसरे दिन महिला के घर जाकर उसकी जांच करेंगी। क्षेत्र की एएनएम भी सप्ताह में दो से तीन बार महिला की देखभाल के लिए उसके घर जाएगी। अस्पताल में एसएमओ भी सप्ताह में एक बार महिला से फोन पर बातचीत कर उसकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की टीम महिला के घर जाकर उसकी जांच करेगी।



