हरियाणा कांग्रेस के नेताओं को अब अपनी वफादारी साबित करनी होगी। प्रदेश में विपक्ष के नेता और पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम चला रहे हैं। प्रदेश में अब तक 8 जगहों पर यह कार्यक्रम हो चुका है, लेकिन इन कार्यक्रमों में कांग्रेसियों की परफॉर्मेंस से शायद हुड्डा और कांग्रेस हाईकमान खुश नहीं है, इसलिए एक आदेश जारी किया गया है।
अब गुटबाजी में फंसे विपक्ष आपके समक्ष कार्यक्रम में शामिल होने वाले और खुद को नेताओं का खासमखास बताने वाले कांग्रेसियों को वफादारी दिखानी होगी। 20 अगस्त को हिसार में होने वाले कार्यक्रम के लिए दीपेंद्र हुड्डा ने एक व्हाट्सऐप नंबर जारी किया है, जिस पर कार्यक्रम में आने वाले नेता अपने काफिले और अपनी पूरी टीम की सेल्फी खींचकर भेजेंगे।
कांग्रेस में शामिल नंबरी लोगों के लिए चैलेंज
हर राजनीतिक पार्टी में नंबरी नेताओं की कमी नहीं होती। ऐसे में यह नंबर उन नंबरी नेताओं की भी पोल खोल सकता है, जो बड़े नेताओं के आगे पीछे घूमते हैं, लेकिन भीड़ जुटाने में सक्षम नहीं होते।
तिकड़ी की एकजुटता के बाद जारी हुआ नंबर
हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2024 को एक साल का समय रह गया है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद हरियाणा में कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी की तिकड़ी भी आक्रामक हो गई है, जो पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लिए चैलेंज बन गए हैं।
हरियाणा में कांग्रेस गुटों में बंटी है। सैलजा, रणदीप और किरण चौधरी का अपना गुट है, जबकि पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा का अपना गुट है। विधायक भी इस गुटबाजी में बंटे हुए हैं। विरोधियों को कोई मौका न मिले, इसलिए हुड्डा खेमा सर्तक है और अपने वफादारों की पहचान करने में जुटा हुआ है।

कुमारी सैलजा और कुलदीप का गृह क्षेत्र हिसार
हिसार कुमारी सैलजा और कुलदीप बिश्नोई का गृह क्षेत्र है। कुमारी सैलजा सिरसा और लोकसभा संसदीय क्षेत्रों से चुनाव लड़ती आ रही हैं, लेकिन कांग्रेस में रहकर हुड्डा के लिए चुनौती भी बनती आ रही हैं, जबकि कुलदीप बिश्नोई भी हुड्डा के लिए इस लोकसभा क्षेत्र में चुनौती बनते रहे हैं। हुड्डा अब इस क्षेत्र में अपनी पैठ बनाने में जुटे हुए हैं। इसलिए दीपेंद्र ने 3 दिन हिसार की 7 विधानसभाओं में बैठकें की।
आदमपुर उप-चुनाव के बाद पहली बड़ी जनसभा
हिसार के आदमपुर उप-चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी भूपेंद्र हुड्डा, प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और दीपेंद्र हुड्डा की थी। भाजपा उम्मीदवार भव्य बिश्नोई को हराने के लिए दीपेंद्र कई दिन आदमपुर में ही रुके थे। अक्टूबर 2022 के बाद पहली बार हुड्डा हिसार में कोई बड़ी जनसभा करने जा रहे हैं। हालांकि दीपेंद्र हाथ से हाथ जोड़ो यात्रा निकाल चुके हैं, लेकिन आदमपुर उप-चुनाव के बाद यह बड़ी रैली होगी।
4 साल में 2 नए अध्यक्ष मिले हरियाणा कांग्रेस को
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी इतने चरम पर है कि पार्टी में प्रदेश प्रभारी से लेकर अध्यक्ष तक नहीं टिक पा रहे। हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 से लेकर अब तक 2 बार प्रदेशाध्यक्ष बदले जा चुके हैं। अशोक तंवर के हटने के बाद कुमारी सैलजा को प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा के दबदबे और फ्री हैंड न मिलने के चलते अप्रैल 2022 को उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया। तब हुड्डा समर्थक उदयभान को अध्यक्ष बनाया गया। इससे नाराज होकर कुलदीप बिश्नोई पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।
हरियाणा कांग्रेस को 4 साल में 4 प्रभारी मिल चुके
दूसरी ओर गुटबाजी के चलते हरियाणा कांग्रेस में प्रदेश प्रभारी भी नहीं टिक पा रहे। विधानसभा चुनाव 2019 के समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद प्रदेश प्रभारी थे, जो हुड्डा के अच्छे दोस्त थे। उनके हटने के बाद UP के नेता विवेक बंसल को जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद विवेक प्रभारी को हटाकर गुजरात के शक्ति सिंह गोहिल को कमान सौंपी गई। कुछ महीनों बाद दीपक बाबरिया को प्रदेश प्रभारी का चार्ज सौंपा गया।



