गोहाना :- जब हमारे पास समस्याएं आती हैं तो बहुत सारे सुझाव आते हैं। आपका कोई भी इनोवेटिव सुझाव, नई खोज हो सकता है। हम इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के तहत पंजीकृत करा सकते हैं। छात्राओं को अपनी नई खोज का पेटेंट जरूर कराना चाहिए। इससे ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और आर्थिक लाभ भी होगा। यह जानकारी बीपीएस महिला विवि में शनिवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल व इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स सेल द्वारा पेटेंट व कॉपीराइट विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला दी गई। इसमें 40 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
केंद्र सरकार के पेटेंट एवं डिजाइन विभाग के असिस्टेंट कंट्रोलर सुब्रत साहू व एग्जामिनर ऑफ पेटेंट एंड डिज़ाइनर राजेश मीणा लोगों को अपने इनोवेशन को पेटेंट कराने के बारे में जानकारी दी। राजेश मीणा ने कहा कि आप जो भी खोज करें उसका पेटेंट जरूर लें। इससे उनके अविष्कार की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और उन्हें आर्थिक रूप से भी समृद्धि मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब भी हमारे सामने कोई समस्या हो तो उसके सुझाव आते हैं। हमारा सुझाव नई खोज हो सकता है। हम अपनी इस खोज को इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत पंजीकृत करा सकते हैं।
आज बहुत सारे ऐसे आविष्कार हैं, जो जागरूकता के अभाव में पता ही नहीं चल पाते। उन्होंने छात्राओं को कॉपीराइट की भी जानकारी दी। इसके बाद सुब्रत साहू ने पंजीकृत करवाने के पूरे तरीके बताया। इस मौके पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल के निदेशक प्रो. अशोक वर्मा, डॉ. प्रमोद मलिक, डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. संकेत विज, प्रो. महेश दाधीच, डॉ. किरण, डॉ. शालिनी मौजूद रहे।



