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पाठ्यक्रम बच्चों के रुचि एवं जिज्ञासा अनुरूप होना चाहिए।

गोहाना :- भैंसवान खुर्द गांव स्थित असेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मनोवैज्ञानिक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में राज्य नोडल अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि शिक्षा वह प्रक्रिया है, जिससे मनुष्य की इच्छाशक्ति का प्रवाह और प्रकाश संयमित होकर फलदायी नतीजे देता है। तकनीकी युग में ऐसी मिश्रित शिक्षा की जरूरत है, जिसमें आत्मविश्वास के निर्माण के साथ मानसिक-भावनात्मक स्वास्थ्य की बेहतरी हो सके। पाठ्यक्रम बच्चों के रुचि एवं जिज्ञासा अनुरूप होना चाहिए। पाठ्यक्रम में दैनिक जीवन उपयोगी विषयों को शामिल किया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा बोझ नहीं लगेगी। इस अवसर पर स्कूल निदेशक मंजू भार्गव, नीरज कुमार, दिलावर सिंह लठवाल, मिथिलेश हुड्डा, कैलाश भार्गव आदि उपस्थित थे।

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