गोहाना :- कासंडी गांव में शुक्रवार को दिल्ली विवि से रिटायर पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. सीआर बाबू ने ड्रेन पर तैयार की गई जल शोधन प्रणाली का निरीक्षण किया। यह प्रणाली अमृत धरोहर योजना के अंतर्गत तैयार की गई है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और पंचायत को ड्रेनों में गंदा पानी नहीं छोड़ने के भी निर्देश दिए। डॉ. सीआर बाबू ने कहा कि वन्य जीवों और पर्यावरण सरंक्षण को लेकर ड्रेनों में साफ पानी छोड़ा जाना बहुत जरूरी है। ड्रेनों का पानी पशु-पक्षियों के पीने के साथ-साथ किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए भी जरूरी है। इस अवसर पर हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रभाकर कुमार, तकनीकी सलाहकार रविकांत, वैज्ञानिक अविनाश शारदा, सीएमजीजीए जतिन, पंचायत विभाग के एक्सईएन अश्वनी फौगाट, सिंचाई विभाग के एक्सईएन पुनीत और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।



