जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव के शिकार लोगों को मिला बकाया नुआवज़ा
गोहाना :- जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रव का शिकार लोगों को सरकार ने सात वर्ष बाद बकाया राहत राशि भेजी है। गुरुवार को चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने आठ पीडितों को 26.50 लाख के चेक बांटे हैं। इनमें तीन शहरवासियों की उपद्रव के दौरान दुकानें जलाई गई थी। जबकि अन्य पांच को गंभीर चोटें लगी थीं। 2016 में जाट समाज ने आरक्षण की मांग को लेकर प्रदेश में हुआ आंदोलन में बदल गया। इसमें आगजनी और मारपीट की थी। लोगों के नुकसान भी भरपाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने सर्वे भी करवाया था। सात साल बाद अब सरकार की तरफ से राहत राशि के लिए आठ लोगों की लिस्ट भेजी गई है। चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने बताया कि शिव कुमार, महेंद्र, संदीप और स्वीन को चोटें लगी थी। इन्हें 50 हजार रुपए दिए गए। जबकि राजेश कुमार को उपद्रव के दौरान अधिक चोटें थीं, जिसे एक लाख की राशि दी गई थी। जिनकी दुकान जली थी उनमें महेंद्र कुमार को 2.5 लाख रुपए दिए गए। उनका सात लाख का नुकसान हुआ था। जिसमें 4.5 लाख रुपए पहले ही दिए गए थे। दलीप ने 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ था जिसमें बकाया 12 लाख और रुचि सहगल ने भी 20 लाख का नुकसान हुआ था, जिसका बकाया 9 लाख रुपए दिए गए। नगर परिषद कार्यालय में पीड़ित को राहत राशि का चेक देती हुई चेयरपर्सन रजनी विरमानी।


