सिंचाई विभाग ने खेतों से पानी की निकासी में आत्मनिर्भरता के लिए मुख्यालय से 40 मोटर मांगी
गोहाना :- बरसात सीजन में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए सिंचाई विभाग के पास संसाधनों की कमी है। इसके कारण किसानों को पानी निकासी के लिए समय पर मोटर नहीं मिली। ज्यादा बरसात होने के कारण विभाग को पड़ोसी जिलों से भी मदद नहीं मिली। ऐसे में सिंचाई विभाग ने खेतों से पानी की निकासी में आत्मनिर्भरता के लिए मुख्यालय से 40 मोटरों की मांग की है। मोटर उपलब्ध होने के बाद आगामी बरसात सीजन में किसानों को जलभराव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बीते सप्ताह क्षेत्र में हुई तेज बरसात से हजारों एकड़ में जलभराव हो गया। उपमंडल के 12000 एकड़ में अब भी पानी का स्तर 2 से 3 फीट तक है। जलभराव के कारण किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी कराना सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी है। इसके लिए अधिकारियों में विभिन्न गांवों में पंपसेट लगा रखे हैं। ज्यादातर गांव के खेत लो-लाइन एरिया में है। इसके चलते बरसात होने की स्थिति में कई फीट तक पानी भर जाता है। खेतों से पानी की निकासी के लिए विभाग के पास सीमित संसाधन है।
72 साइटों पर मोटर लगाई खेतों से पानी की निकासी के लिए विभाग के पास 83 मोटर उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने पानी की निकासी के लिए 72 साइटों पर मोटर लगा रखी हैं। अधिक क्षेत्र में जलभराव होने के कारण सभी किसानों को मोटर उपलब्ध नहीं हो सकी थी। इसके चलते किसानों को मोटर के लिए 2 से 3 दिन तक की वेटिंग मिल रही थी।
^बरसात से खेतों में हुए जलभराव की निकासी कराई जा रही है। जल्दी ही सभी खेतों से अतिरिक्त पानी निकाल दिया जाएगा। मुख्यालय से 40 मोटर की डिमांड की है। मोटर आने के बाद क्षेत्र के किसानों को फायदा होगा। सुजीत, एसडीओ, मैकेनिकल विंग, सिंचाई विभाग, गोहाना



