गोहाना :- बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में डाइट सबसे अहम किरदार निभाती है। ये पोषक न होने से शरीर पर दुष्प्रभाव भी डालती है। बच्चों में जंक फू़ड का कल्चर बढ़ रहा है। आयरन रिच भोजन न होने से बच्चों में खून की कमी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर स्कूलों तक के बच्चों में खून की कमी की जांच की तो हर दूसरा बच्चों एनीमिक मिल रहा है। बच्चों में खून की कमी जांचने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 6 महीने से 3 साल, 3 से 6 साल और 6 से 18 साल तक के लोगों की जांच की जा रही है।
सिविल अस्पताल की टीम ने जुलाई में शहर के 15 आंगनबाड़ी केंद्रों व राजकीय कन्या स्कूल में बच्चों व 650 छात्र-छात्राओं की जांच की। इसमें 370 में खून की कमी मिली। बच्चों से जब खाने के बारे में पूछा गया तो घर में आयरन रिच खाना व सीजन के फल खाना न पसंद होने की बात सामने आई। इस पर चिकित्सकों ने उन्हें आयरन रिच खाना ही खाने की सलाह दी।
50 में गंभीर व 320 में मिला अल्प एनीमिया जांच में 50 बच्चों में गंभीर एनीमिया मिला। इनमें 6 महीने से तीन साल के 37 बच्चे, 3 से 6 साल तक के तीन बच्चे और 6 से 18 तक के 10 बच्चे, किशोर व युवा मिले हैं। अलग-अलग वर्गों में बच्चों से लेकर 320 युवाओं तक में अल्प (माइल्ड-टू-मोडरेट) एनीमिया मिला। एक बच्चा कुपोषण का भी शिकार मिला।
यह है एनीमिया का कारण व समस्या चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार खून की कमी होने को एनीमिया कहा जाता है। कुछ बच्चों में जन्म से ही और अधिकतर लड़कियों में उचित आहार-विहार न होने के कारण खून की कमी होती है। इससे पैरों में दर्द, एकाग्रता की कमी, चिड़चिड़ापन, भूख कम लगने समेत कई परेशानियां हो जाती हैं।
आयरन रिच फूड से विमुख हो रहे बच्चे : डॉ. चक्रवर्ती ^एनीमिया मुक्त हरियाणा अभियान के तहत विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसमें करीब 50 प्रतिशत बच्चे व युवा एनीमिया से पीड़ित मिल रहे हैं। इसका मुख्य कारण बच्चों का आयरन रिच फूड से विमुख होना है। वे बेहतर खाना लेने की बजाय जंक फूड खाना पसंद होने की बात कह रहे हैं। डॉ. चक्रवर्ती शर्मा, आयुष चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, गोहाना।



