गोहाना में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने रागनी गाकर बांधा समां, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा पंडाल
गजराज खेल अकादमी में तीन दिवसीय पंडित विष्णु दत्त सांग समारोह में पहुंचे कैबिनेट मंत्री, हरियाणवी लोक संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए


लोक संस्कृति और सांग परंपरा हमारी अनमोल विरासत, इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी : डॉ. अरविंद शर्मा
गोहाना,(अनिल जिंदल) 18 अक्टूबर। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा रविवार को गोहाना स्थित गजराज खेल अकादमी में आयोजित तीन दिवसीय पंडित विष्णु दत्त सांग समारोह में पहुंचे। इस दौरान उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच जब कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने स्वयं रागनी गानी शुरू की तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में मौजूद लोगों में उत्साह भर दिया। इस दौरान डॉ. अरविंद शर्मा हरियाणवी लोक संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए।
कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा की धरती लोक कला, संस्कृति और समृद्ध परंपराओं की पहचान रही है। सांग और रागनी केवल मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कारों और सामाजिक मूल्यों के संवाहक हैं। उन्होंने कहा कि पंडित विष्णु दत्त जैसे लोक कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति को नई पहचान दी। ऐसी महान विभूतियों की सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार भी प्रदेश की लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण को महत्व दे रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणवी सांग की अपनी अलग पहचान है। इसमें समाज को दिशा देने वाले संदेशों के साथ हमारी ग्रामीण संस्कृति की झलक दिखाई देती है। आज जरूरत है कि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़े और लोक कलाकारों की इस अमूल्य विरासत को आगे बढ़ाए।
कैबिनेट मंत्री ने तीन दिवसीय सांग समारोह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ लोक कलाकारों को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लोक संस्कृति हमारी शान है और इसे जीवंत बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।



