स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव व पद्मश्री बिमल कुमार को डी लिट की मानद उपाधि
नारी सशक्तिकरण से ही बदलेगा देश व समाज: आरती सिंह राव


गुरुग्राम, (अनिल जिंदल) 10 फरवरी । अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, महिला अधिकारों की अग्रणी प्रहरी और ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ’ अभियान का व्यापक विस्तार करने वाली हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा है कि देश का, समाज का कायाकल्प नारी सशक्तिकरण से ही संभव होगा। आठ साल की बच्ची से लेकर 80 साल के बुजुर्ग को खुश रखना, संरक्षण देना हर व्यक्ति का प्राथमिक दायित्व है। स्वास्थ्य मंत्री आज
श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) में स्पेशल कन्वोकेशन सेरेमनी के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब दे रही थीं। स्पेशल कन्वोकेशन में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव और पद्मश्री बिमल कुमार जैन को विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए एसजीटीयू की ओर से
डी लिट की मानद उपाधि (ऑनरिस कॉसा) से सम्मानित किया गया।
आरती सिंह राव ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि हरियाणा में पैरा एथलीटों का भविष्य सुखद है। राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी एथलीट व पैरा एथलीट, दोनों को समान अधिकार व सम्मान दे रहे हैं।
इस अवसर पर दिव्यांगों का सहारा बन कर उनके कष्टों को कम करने के मिशन में जुटे और “ऑर्गन मैन” के नाम से मशहूर पद्मश्री बिमल कुमार जैन ने कहा कि देश को बदलने के लिए समाज को बदलना होगा। छात्र आज शिक्षा पूरी करने के बाद रोटी, कपड़ा और मकान के साथ समाज को सशक्त बनाने के लिए भी प्रण लें।
प्रभावशाली विशेष कन्वोकेशन में एसजीटीयू के कुलाधिपति व पद्मश्री एवं पद्मभूषण राम बहादुर राय, दशमेश एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी मनमोहन सिंह चावला, चेयरमैन मधु प्रीत कौर चावला, एसजीटीयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ) हेमंत वर्मा व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान एकेडमिक प्रोसेशन का आयोजन हुआ।
सामाजिक परिवर्तन की नेता आरती राव
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और सामाजिक परिवर्तन की नेता आरती सिंह राव का जन्म 3 जुलाई, 1979 को हुआ। वह केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री राव बीरेंद्र सिंह की पौत्री हैं। उनके परिवार का संबंध 1857 की क्रांति के स्वतंत्रता सेनानी राव तुला राम से जुड़ा है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सनावर स्थित लॉरेंस स्कूल और दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से शिक्षा प्राप्त की तथा वर्ष 2000 में दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में स्नातक (बीए) किया। सशक्त राजनीतिक विरासत के बावजूद, आरती सिंह राव ने प्रारंभ में खेलों को अपना मार्ग चुना और सामाजिक सेवा व राजनीति में प्रवेश से पहले एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाई।
प्रमुख खेल उपलब्धियां
•2005 एशियन चैंपियनशिप, बैंकॉक में स्वर्ण पदक (करियर की सर्वोच्च उपलब्धि)
•विभिन्न एशियन चैंपियनशिप में कुल चार पदक
•महिला स्कीट शूटिंग में 15 राष्ट्रीय खिताब
•2010 कॉमनवेल्थ शूटिंग चैंपियनशिप, नई दिल्ली में रजत पदक
•वैश्विक प्रतिनिधित्व
•2006 कॉमनवेल्थ गेम्स, मेलबर्न
•2010 एशियन गेम्स, ग्वांगझोउ
•विश्व चैंपियनशिप: निकोसिया (2003), लोनेटो (2005), मारिबोर (2009)
पैरा-स्पोर्ट्स में क्रांतिकारी नेतृत्व
हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष आरती सिंह राव का सबसे परिवर्तनकारी योगदान हरियाणा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष के रूप में रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में हरियाणा पैरा-एथलेटिक्स में भारत का निर्विवाद चैंपियन बनकर उभरा और लगभग सभी खेल मंचों पर देश में नंबर एक स्थान प्राप्त किया है।
2024–2025 के बीच 15 प्रमुख राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हरियाणा के खिलाड़ियों ने 635 से अधिक पदक जीते। इनके नेतृत्व में 8 पैरा-ओलंपियन को पद्म श्री, अर्जुन और मेजर ध्यानचंद पुरस्कार प्राप्त हुए।
कोविड-19 महामारी राहत
कोविड-19 महामारी के दौरान आरती सिंह राव ने अपने एनजीओ ‘इंसाफ मंच’ के माध्यम से रेवाड़ी, गुरुग्राम, भिवानी और नारनौल जिलों में व्यापक राहत कार्य किए।
भारत विकास विकलांग न्यास के संस्थापक ट्रस्टी हैं बिमल कुमार जैन
बिमल कुमार जैन भारत विकास विकलांग न्यास के संस्थापक ट्रस्टी हैं। यह ट्रस्ट बिहार में दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर एवं समर्पित रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने निःस्वार्थ, सतत और दृढ़ प्रयासों के माध्यम से पीड़ित मानवता की सेवा की है। उनका स्पष्ट दृष्टिकोण बिहार से दिव्यांगता की समस्याओं और पीड़ा को समाप्त करना है, जिसका मूल मंत्र है
“21वीं सदी का बिहार – विकलांगता मुक्त बिहार।”
बिमल कुमार जैन के मार्गदर्शन में भारत विकास विकलांग न्यास द्वारा मार्च 2022 तक निःशुल्क 36,000 से अधिक कृत्रिम अंग प्रदान किए गए तथा 9,000 से अधिक पोलियो एवं सुधारात्मक शल्य चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया गया।
सेवाओं की गुणवत्ता के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता रखते हुए, न्यास ने वर्ष 2018 में जर्मनी की एक विश्वविख्यात कंपनी के साथ करार किया। इसके अंतर्गत लगभग 1.25 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम अंग निर्माण केंद्र स्थापित किया गया, जहां अब अत्याधुनिक कृत्रिम अंग दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
अपने मिशन के अनुरूप, न्यास अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सेवाएं प्रदान कर चुका है।
बिमल कुमार जैन दधिचि देहदान समिति, बिहार के महासचिव भी हैं जो अंगदान से जुड़े अंधविश्वासों को समाप्त करने एवं जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से कार्यरत है। उनके प्रयासों से बिहार और झारखंड में अंगदान आंदोलन को उल्लेखनीय गति मिली और लोगों को स्वेच्छा से अंग, शरीर एवं नेत्र (कॉर्निया) दान के लिए प्रेरणा मिली।
इन प्रयासों की सराहना करते हुए, बिहार सरकार ने 13.5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 9 नेत्र बैंक स्थापित किए।
कोविड-19 महामारी के दौरान जिन बच्चों ने अपने परिवार के कमाऊ सदस्य को खो दिया, ऐसे निराश्रित बच्चों के लिए बिमल कुमार जैन ने समाज को प्रेरित किया कि वे दधिचि देहदान समिति, बिहार के अंतर्गत संचालित “भरण-पोषण सहायता योजना” के माध्यम से प्रति बच्चा ₹500 प्रतिमाह, तीन वर्षों तक सीधे सहयोग करें।
इस योजना के अंतर्गत 158 दानदाताओं ने आगे आकर 754 निराश्रित बच्चों के लिए उनके माता/अभिभावक के सत्यापित जन-धन खातों में सीधे सहायता दी। अब तक इस योजना के तहत ₹1.20 करोड़ से अधिक की राशि का योगदान हो चुका है।
बिमल कुमार जैन ‘सक्षम’ (समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल) का सक्रिय रूप से समर्थन करते हैं। उनके प्रयासों से ‘सक्षम’ टीम ने तत्कालीन माननीय कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद जी से भेंट कर कुष्ठ रोग से ठीक हो चुके किंतु विकृत व्यक्तियों (एलसीडीपी) के विरुद्ध प्रचलित भेदभावपूर्ण कानूनों की जानकारी दी।
इसके परिणामस्वरूप उनके त्वरित हस्तक्षेप से 6 भेदभावपूर्ण कानूनों को निरस्त किया गया, जिनमें कुष्ठ रोग को तलाक का आधार माना गया था।
उनके सतत प्रयासों से वर्ष 2022 में ‘सक्षम’ टीम ने सुशील कुमार मोदी (संसदीय समिति – विधि मंत्रालय के अध्यक्ष) एवं रमा देवी (संसदीय स्थायी समिति – सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अध्यक्ष) से भेंट कर एलसीडीपी के विरुद्ध भेदभावपूर्ण कानूनों को समाप्त करने तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर चर्चा की।
11 फरवरी 2023 को बिमल कुमार जैन के सहयोग से ‘सक्षम’ टीम ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि से भेंट की, जिसके फलस्वरूप राज्य में 15 में से 7 भेदभावपूर्ण कानूनों को निरस्त किया गया।
2020 में “पद्मश्री” से सम्मानित
बिमल कुमार जैन अनेक पुरस्कारों और सम्मानों से अलंकृत हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2020 में “पद्मश्री” से सम्मानित किया तथा उन्हें “ऑर्गन मैन” की उपाधि दी गई।
इसके पूर्व वर्ष 2002 में अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट, अमेरिका ने उन्हें “मैन ऑफ द ईयर” पुरस्कार से सम्मानित किया।
वर्ष 2001 में ठाकुर लाल सोनू लाल चैरिटेबल ट्रस्ट, पटना, 2011 में स्वराज विकलांग सेवा समिति, प्रयागराज, तथा 2018 में बिहार प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा उन्हें क्रमशः मैन ऑफ द ईयर, विकलांग स्वाभिमान सम्मान और समाज रत्न से सम्मानित किया गया।



