लाखों की स्कॉलरशिप पाकर एसजीटीयू छात्रों के खिले चेहरे
हर छात्र को 'टेक्नो सेवी' बनना होगा : दीप्ति धर्माणी


गुरुग्राम, (अनिल जिंदल) 6 फरवरी । श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू), गुरुग्राम के परिसर में आज आयोजित मेधा सम्मान समारोह में सैकड़ों प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के चेहरों पर खुशी, उल्लास और भविष्य के सपने साकार करने का जुनून दिखाई दिया । एसजीटीयू की ओर से उन्हें लाखों रुपये की स्कॉलरशिप वितरित की गई। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति और कार्यक्रम की चीफ गेस्ट प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी, एसजीटीयू के कुलपति प्रोफेसर (डॉ) हेमंत वर्मा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जानी-मानी एजुकेटर व ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ सौम्या सिंह की उपस्थिति में स्कॉलरशिप राशि के चेक हाथ में लेकर फोटो खिंचवाते छात्रों ने कामयाबी का लक्ष्य पाने की प्रतिबद्धता दिखाई।
मुख्य अतिथि
चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी ने इस अवसर पर छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है। इस दौर में यदि अपने ज्ञान, संज्ञान, विवेक व शिक्षा में समयानुकूल बदलाव नहीं किया तो हम पीछे रह जाएंगे और फिर लक्ष्य दूर होता जाएगा। हर छात्र को ‘टेक्नो सावी’ होना होगा। नालेज को लगातार अपडेट रखना होगा। प्रोफेसर धर्माणी ने कहा कि हार-जीत से बिना प्रभावित हुए आगे बढ़ना है। हार ही जीत की पहली सीढ़ी है। जीवन में चुनौतियां बहुत हैं। ऐसे में शरीर, प्राणवायु, बुद्धि, मन और सेंसिज का संतुलन बनाते हुए अपने प्रति, समाज के प्रति, परिवार के प्रति सकारात्मक व आशावादी आचरण व संकल्प दिखाना होगा।
एसजीटीयू की प्रशंसा करते हुए प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी ने कहा कि इस संस्थान ने अनुसंधान, नवाचार पर सर्वाधिक ध्यान देने के साथ छात्रों को भी श्रेय, प्रोत्साहन व पुरस्कार दिया है। उन्होंने कहा कि तेज बदलाव के दौर में शिक्षा और विद्या का अंतर नहीं भूलना चाहिए। छात्र-छात्राओं को अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल सकारात्मक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धन अर्जन जीवन का अल्टीमेटम गोल नहीं, जिंदगी में खुशियां, जीवंतता का भी बड़ा महत्व है।
इस अवसर पर सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एजुकेटर एवं करियर पर विशेष टिप्स से युवा वर्ग में लोकप्रिय सौम्या सिंह ने अपने तेज तर्रार संबोधन से सभागार को उत्साह व जोश से भर दिया। उन्होंने विशेष जोर देकर कहा कि सफलता पाने के लिए छात्रों को कम्युनिकेशन स्किल में परफेक्ट बनना पड़ेगा। उन्हें आर्ट ऑफ डिजिटल राइटिंग आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लिंक्डइन छात्रों के लिए भविष्य के नए द्वार खोल सकता है।
हरियाणा का डोमीसाइल रखने वाले मेधावी छात्रों को भी विशेष छात्रवृत्ति देने का प्रबंध किया गया था।


