रिवाड़ी में BJP नेता व JE में तीखी बहस ; अतिक्रमण हटाने पर नोकझोक ; डॉ अरविन्द यादव बोले-बरसात का मौसम है गरीबों का आशियाना उजाड़ना ठीक नहीं
हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन और BJP के वरिष्ठ नेता डॉ. अरविंद यादव की मंगलवार को रेवाड़ी शहर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के जेई के साथ तीखी बहस हो गई। चेयरमैन ने भी सख्त लहजे में कह दिया कि वे उसे देख लेंगे। काफी देर की बहसबाजी के बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया।
दरअसल, मंगलवार को HSVP की तरफ से रेवाड़ी शहर के राजीव चौक से लेकर IOC चौक तक सड़क के दोनों तरफ हो रहे अतिक्रमण को हटाने का अभियान शुरू किया गया था। कुछ दिन पहले HSVP की तरफ से कब्जाधारियों को नोटिस भी जारी किया गया था। करीब 200 मीटर के एरिया में सड़क के दोनों तरफ रेहड़ी, खोखे, झुग्गी और पेड़-पौधे की नर्सरी लगी हुई है।
HSVP के जेई बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गए। उनके साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस भी साथ थी। काफी जगह खोखे और झुग्गी बुलडोजर से तोड़ दी गई। इसी बीच किसी ने पर्यटन निगम के चेयरमैन डॉ. अरविंद यादव को सूचना दे दी। यादव का कहना कि उन्होंने पहले HSVP के ईओ को फोन कर इस प्रकार की कार्रवाई रोकने को कहा था। उनका तर्क था कि बरसात का मौसम है और इस समय गरीबों का आशियाना उजाड़ना ठीक नहीं है।
अरविंद बोले- सरकार की छवि खराब कर रहे ऐसे अधिकारी
अरविंद ने बताया कि उन्होंने जेई को कई बार कॉल की, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। आखिर में उन्हें घर से चलकर खुद मौके पर आना पड़ा। जब जेई से बात की तो वह उल्टा उन्हीं के साथ गलत व्यवहार करने लगा। जिसके बाद जेई और अरिवंद यादव के बीच खूब बहसबाजी हुई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कर मामले को शांत करा दिया।
इसके बाद अभियान भी रुक गया। यादव ने कहा कि ऐसे अधिकारी ही सरकार की छवि को खराब कर रहे है। अगर कोई गरीब पेड़-पौधे बेच भी रहा है, इसमें कौन सा गुनाह है। उन्होंने कहा कि वे इस जेई के खिलाफ उच्च अधिकारियों को शिकायत करेंगे।
HSVP की जमीन पर जगह-जगह कब्जे
बता दें कि रेवाड़ी शहर में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर जगह-जगह कब्जे हो रहे हैं। कुछ दिन पहले ही बाइपास पर HSVP की टीम ने झुग्गियां हटाई थी। जिसके विरोध में गाड़िया लुहार जाति के लोगों ने डीसी से मुलाकात की थी।
उनका कहना था कि गरीबों के आशियाने तो उजाड़ दिए, लेकिन जिन्होंने खाली पड़ी जमीन पर सालों से कब्जे किए हुए है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। दरअसल, बाइपास पर काफी जगह ऐसी है, जहां प्राभवशाली लोगों ने खाली जमीन पर रोड़ी-बजरी डालकर कारोबार किया हुआ है। HSVP की जमीन पर चलने वाले बिल्डिंग मैटीरियल के इस कारोबार को लेकर कई बार शिकायतें भी हो चुकी है।



