रिलायंस के खिलाफ केस दर्ज करवाने के लिए गोहाना पुलिस की शरण में पहुंची भाकियू
गोहाना :-24 मई : शहर के लघु सचिवालय में जिला स्तर पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी भारतीय किसान यूनियन शुक्रवार को गोहाना पुलिस जिला के डी. सी. पी. कार्यालय में पहुंची। वहां डी.सी.पी. के उपलब्ध न होने पर उनके प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में रिलायंस बीमा कम्पनी पर किसानों से धोखाधड़ी करने का केस दर्ज करने की मांग की गई। भाकियू ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने वांछित केस दर्ज नहीं किया, भाकियू इस के लिए अदालत की शरण लेगी । लघु सचिवालय में पूरे सोनीपत जिले के किसान 29 जनवरी से धरना दे रहे हैं। शुक्रवार को धरने का 118वां दिन था। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि पी.एम. फसल बीमा योजना का वर्ष 2022 का बीमा इस के लिए अनुबंधित रिलायंस बीमा कम्पनी ने किया था नियमानुसार बीमा कम्पनी 60 दिन तक ही किसानों से अतिरिक्त कागजात मांग सकती है। अगर इस अवधि में किसी दस्तावेज की याचना नहीं होती, तब बीमा अंतिम रूप से मान्य हो जाता है।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि किसानों की फसल खराब हो गई। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद जिन भी किसानों की फसल खराब हुई थी, उनको मुआवजा देने की जगह रिलायंस बीमा कम्पनी ने उनकी पॉलिसी ही रद्द कर दी । बीमा करने के महीने की तय सीमा को कम्पनी ने धता बता दिया तथा 2 साल बाद केवल प्रीमियम वापस किया ।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने खुलासा किया कि जब किसानों ने जिला स्तर पर कम्पनी के खिलाफ अपील की, सोनीपत के डी.सी. ने किसानों के पक्ष पर अपनी मुहर लगाई। डी.सी. ने 16 दिसंबर 2022 को कम्पनी को आदेश दिया कि 15 दिन के भीतर वह किसानों को मुआवजा दे। डी.सी. ने राज्य सरकार को अनुमोदन किया कि किसानों से छल करने के लिए कम्पनी को ब्लैक लिस्ट किया जाए तथा उसकी सिक्योरिटी की राशि जब्त कर ली जाए।
सत्यवान नरवाल ने रोष व्यक्त किया कि डेढ़ साल से अधिक समय से डी.सी. के आदेश को ताक पर रखा हुआ है। 118 दिन से सोनीपत जिले के किसान गोहाना में बेमियादी धरने पर बैठे हुए हैं। 18 मई को पी. एम. नरेंद्र मोदी गोहाना रैली करने आए तो किसानों के आग्रह की अनदेखी करते हुए उनसे नहीं मिलवाया गया। सी.एम. नायब सिंह सैनी और पूर्व सी.एम. मनोहर लाल खट्टर गोहाना आए, पर वे दोनों आश्वासन से आगे नहीं बढ़ सके ।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर गोहाना पुलिस जिला ने रिलायंस बीमा कम्पनी के खिलाफ जल्दी केस दर्ज नहीं किया, तब भाकियू इस के लिए अदालत की शरण लेगी। भाकियू रिलायंस कम्पनी को बख्शेगी नहीं ।



