गोहाना के बरोदा गांव में स्थित सरकारी कॉलेज, जिसमें एक भी रेगुलर प्राध्यापक नहीं
एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव इंस्पेक्शन में हुआ खुलासा
गोहाना :-6 मई : गोहाना के बरोदा गांव के गवर्नमेंट कॉलेज में एक भी रेगुलर प्राध्यापक नहीं हैं। सोमवार को यह खुलासा तब हुआ जब रोहतक के एम.डी.यू. की टीम इस सरकारी कॉलेज के एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव इंस्पेक्शन के लिए पहुंची। टीम को कॉलेज के जर्जर भवन की स्थिति से भी पीड़ा हुई । 3 नवंबर 2020 को हुए बरोदा हलके के उप चुनाव में सत्तारूढ़ दल ने वायदा किया था कि बरोदा और भैंसवाल कलां गांवों में नए सरकारी कॉलेज खोले जाएंगे। कहने को तो यह वायदा पूरा हो गया, लेकिन वस्तुस्थिति बेनकाब एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव इंस्पेक्शन में हुई ।
इंस्पेक्शन के लिए रोहतक की एम. डी. यू. सुधीर कुमार और खरखौदा के गवर्नमेंट कॉलेज से डॉ. दर्शना पहुंचे। टीम ने कॉलेज के टाइम टेबल, टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ के दस्तावेज, बच्चों और स्टाफ के हाजिरी रजिस्टर सहित विभिन्न रिकॉर्ड की जांच की।
टीम तब चौंक गई जब कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल पवन लठवाल ने बताया कि कॉलेज का पूरा स्टाफ डेपुटेशन पर नियुक्त है। बरोदा के सरकारी कॉलेज एक भी रेगुलर प्राध्यापक नहीं है ।
डॉ. सुधीर और डॉ. दर्शना की टीम ने भवन की अत्यन्त जर्जर स्थिति को अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैद किया। उन्होंने कहा कि भवन की हालत बेहद चिंताजनक है। वह सरकार को अनुमोदित करेंगे कि कॉलेज को किसी सुरक्षित भवन में शिफ्ट किया जाए तथा यहां अच्छी पढ़ाई के लिए नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति की जाए ।

