बरोदा गांव के गवर्नमेंट कॉलेज में जन जागरण अभियान के अंतर्गत भारतीय समाज और संस्कृति पर विस्तारक व्याख्यान हुआ।
डंडे के बल पर हमारी संस्कृति मिटा नहीं सके आक्रांता : लठवाल

गोहाना :-2 मई : गुरुवार को बरोदा गांव के गवर्नमेंट कॉलेज में जन जागरण अभियान के अंतर्गत भारतीय समाज और संस्कृति पर विस्तारक व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता और कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल पवन लठवाल ने कहा कि आक्रांता चाहे कोई भी रहे, उन्होंने. डंडे के बल पर हमारी संस्कृति मिटाने की कुचेष्टा तो की, पर कामयाबी किसी को भी नहीं मिली। पवन लठवाल ने कहा कि विदेशी हमलावर युद्धों के विजेता बेशक बनते रहे, लेकिन उनकी भारतीय संस्कृति को तहस-नहस करने की प्रत्येक कोशिश हमेशा औंधे मुंह गिरी। पहले शक, कुषाण, हूण आए अथवा बाद में लंबे समय तक मुगल काबिज रहे, सब ने तलवार के भय से हिंदुओं को मुसलमान बनाने में कोई कसर बाकी नहीं रहने दी ।
बरोदा के सरकारी कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल ने कहा कि अंग्रेज आए तो उन्होंने ईसाइयत थोंपने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाया । पैसे का लालच दिया, डराया-धमकाया। लेकिन भारतीय संस्कृति और सभ्यता अक्षुण्ण थी और हमेशा रहेगी। पवन लठवाल ने कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, की कहावत ऐसे ही नहीं बनी। अगर आक्रांताओं के मनसूबे कामयाब हो गए होते, आज शायद ही भारत में कोई हिंदू होता। कोई मुस्लिम धर्म तो कोई ईसाई धर्म अपना चुका होता ।

