नगर परिषद के अधिकारियों ने गोहाना खंड के बीईओ को सरकारी स्कूलों की प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने के लिए लिखा पत्र
नप के नोटिस के बावजूद कई सरकारी विभाग नहीं करा रहे टैक्स जमा, न प्रॉपर्टी का सत्यापन

गोहाना :-12 अप्रेल : नगर परिषद (नप) के नोटिस देने के बावजूद कई सरकारी विभाग न तो बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा करा रहे हैं और न ही विभागीय प्रॉपर्टी का सत्यापन करा रहे हैं। ऐसे में अब नप अधिकारियों ने सरकारी विभागों से प्रॉपर्टी टैक्स की रिकवरी करने और विभागीय प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने के लिए कर्मचारियों की टीम के साथ एक एमई की विशेष ड्यूटी लगाई है।
वे टीम के साथ संबंधित अधिकारियों को टैक्स जमा व प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने के लिए प्रेरित करेंगे। वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों ने गोहाना खंड के बीईओ को भी सरकारी स्कूलों की प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने के लिए पत्र लिखा है। नगर परिषद द्वारा शहर में दर्ज करीब साढ़े 33 हजार प्रॉपर्टियों के डाटा को सुनिश्चित करने और मालिकों की सुविधा के लिए प्रॉपर्टी का सत्यापन करने का निर्णय लिया है। इनमें आवासीय व कमर्शियल के साथ सरकारी विभागों की प्रॉपर्टी भी शामिल हैं। बीते दिनों विभाग ने प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने पर शहरवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट भी प्रदान की थी। इसके बावजूद अब तक 18 प्रतिशत प्रॉपर्टी का सत्यापन ही हुआ है। अब अधिकारियों ने लक्ष्य को पूरा करने के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाया है। इसके लिए 10 कर्मचारियों के साथ एक एमई की भी ड्यूटी लगाई है, जो सरकारी विभागों पर विशेष रूप से फोकस करेंगे।
नप प्रशासन के अनुसार प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने के लिए सरकारी विभागों के अधिकारियों को प्रॉपर्टी के दस्तावेज के साथ मोबाइल नंबर देना है। हालांकि इसमें आईडी विभाग की ही जाएगी, लेकिन मोबाइल नंबर संबंधित अधिकारी का होगा। उनके मोबाइल पर ओटीपी आने के बाद ही प्रॉपर्टी का सत्यापन होगा। वहीं कई विभागीय जमीन के दस्तावेज की जानकारी न होने की बात भी कह रहे हैं। इससे नप की टीम को प्रॉपर्टी का सत्यापन करने में दिक्कत आ रही है।
^शहर में जिनका प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, उसकी जल्द रिकवरी कराई जाएगी। इसके साथ ही प्रॉपर्टी का सत्यापन भी पूरा कराया जाएगा। इसी के तहत आवासीय, कमर्शियल प्रॉपर्टी के साथ सरकारी विभागों को शामिल किया गया है। इनमें कई विभाग नोटिस देने के बावजूद प्रॉपर्टी का सत्यापन कराने में सहयोग नहीं कर रहें है। इसी के तहत कर्मचारियों के साथ एमई की ड्यूटी लगाई गई है। निशा शर्मा, ईओ, नगर परिषद, गोहाना
