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रिलायंस बीमा कम्पनी द्वारा मुआवजा देने की जगह पॉलिसी रद्द करने के विवाद में गोहाना में किसानों का धरना छठे दिन भी जारी, 6 को चढ़ुनि कर सकते हैं बड़ी घोषणा

 

गोहाना :-3 फरवरी : शहर के लघु सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर किसानों अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को छठे दिन भी जारी रहा। यह धरना पी. एम. किसान बीमा योजना की पॉलिसियों को रिलायंस कम्पनी द्वारा अवैध रूप से रद्द करने के विरोध में दिया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि रिलायंस ने पॉलिसियां इस लिए रद्द कीं ताकि उसे पीड़ित किसानों को उनकी खराब हुई फसलों का मुआवजा न देना पड़े।

किसान अड़ गए हैं कि मुआवजा उनके खातों में आने तक धरना जारी रहेगा। 6 फरवरी को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़नी धरना स्थल पर पहुंचेंगे। तब आंदोलन कड़ा करने को लेकर बड़ी घोषणा सँभावित है। 29 जनवरी से भारतीय किसान यूनियन ने लघु सचिवालय के प्रवेश द्वार पर टैंट गाड़ रखा है। तभी से किसान बेमियादी धरने पर डटे हुए हैं। धरने का नेतृत्व सत्यवान नरवाल कर रहे हैं। नरवाल भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं।

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धरना के गोहाना क्षेत्र का न हो कर पूरे सोनीपत जिले का है। इस अनिश्चितकालीन धरने पर प्रतिदिन सोनीपत के विभिन्न स्थानों से किसान बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। किसानों को आश्वस्त करने के लिए शुक्रवार को कृषि एवं कल्याण विभाग के एस. डी. ओ. भी पहुंचे थे। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि रिलायंस कम्पनी ने दोहरी लूट की है। जिन किसानों की फसलें खराब नहीं हुई थीं, उनका प्रीमियम तो खराब फसल वाले किसानों का मुआवजा डकार लिया। कम्पनी ने मुआवजा देने से बचने के लिए पीड़ित किसानों की पॉलिसियां ही दो से तीन साल बाद रद्द कर दीं जो कानूनन पूरी तरह से गलत है।

सत्यवान नरवाल ने कहा कि पूरे प्रकरण में प्रदेश सरकार के एक रिटायर्ड आई.ए.एस. अधिकारी की भूमिका बेहद अनुचित है। यह अधिकारी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का सलाहकार है। जिस अपील का फैसला एक महीने में कर दिया जाना चाहिए था, किसानों की उसी अपील को यह अधिकारी 10 माह से दबाये बैठा है।

भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि जब तक किसानों के बैंक खातों में मुआवजे का भुगतान नहीं आ जाएगा, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। धरने पर 6 फरवरी को भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी पहुंचेंगे। वह अपनी विजिट में इस मुद्दे को ले कर आंदोलन को और कड़ा करने का ऐलान भी कर सकते हैं।

छठे दिन के धरने पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से राम सिंह कुंडू, वीरेंद्र पाल, जगमेंद्र कथूरा, राम किशन मलिक, राजमेल मलिक, अशोक लठवाल, रतिराम आदि भी पहुंचे।

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