Breaking NewsGohanaSocial

लाला मातु राम की दुकान पर फायरिंग मामले में ऐतिहासिक गोहाना बंद के बीच चेयरपर्सन, पार्षदों ने दी इस्तीफों की धमकी

गोहाना :-30 जनवरी: देश-विदेश में फेमस देसी घी की मशहूर जलेबियों के निर्माता लाला मातू राम हलवाई की दुकान पर 21 जनवरी को 37 राउंड फायरिंग हुई थी। उस वारदात के बदमाश अब तक कानून की पकड़ से बाहर है। इस पर मंगलवार को समूचा गोहाना शहर एकजुट हो गया। सम्पूर्ण गोहाना बंद में शहर के किसी भी हिस्से में गली की कोई दुकान तक नहीं खुली हुई थी। नगर परिषद के चेयरपर्सन के परिजनों ने दो टूक कहा कि गोहाना को विकास से पहली अपनी सुरक्षा चाहिए। अगर बदमाश नहीं पकड़े जाते,चेयरपर्सन का पद छोड़ देंगे। समान धमकी नगर परिषद के नगर पार्षदों ने भी दी। किन्नर समाज ने भी पुलिस को कड़वी पेशकश कर डाली।

लाला मातूराम हलवाई की लॉर्ड शिवा चौक
स्थित दुकान पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में गनीमत यह रही कि कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। माहरा गांव का एक दूधिया बिजेंद्र जरूर गोली लगने से जख्मी हो गया था। दस दिने बीत चुके हैं, लेकिन फायरिंग कर फरार होने वाले बदमाशों का अब तक कोई अता-पता नहीं है। पुलिस वाले बार-बार दावा भर कर रहे हैं कि बदमाशों को जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। व्यापारी विनोद सहरावत की अध्यक्षता में अपनी संघर्ष समिति बना चुके हैं।

इसी संघर्ष समिति ने पिछले हफ्ते सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया था। गोहाना बंद की चेतावनी तभी दे दी गई थी। कोई किसी को यह कहने नहीं गया कि आप दुकान बंद कर लो । उसके बावजूद मंगलवार को गोहाना बंद इस कद्र ऐतिहासिक बन गया कि सम्पूर्ण बंद शहर में कर्फ्यू का आभास हो रहा था। 2020 में कोरोना की पहली लेहर और 2021 में दूसरी लहर में जब लॉक डाउन था, पुलिस डंडों से स्वागत करती थी, तब भी दुकानदार दुकानें खुली रखने से बाज नहीं आते थे।

लेकिन मंगलवार को गोहाना व्यापारिक एकता का गवाह बना। सब्जी मंडी के प्रवेश द्वार पर ताले लटक रहे थे, पुरानी और नई अनाज मंडियों के साथ काठमंडी में भी एक भी दुकान नहीं खुली थी। समान स्थिति शहर के मेन बाजार और बाकी की सड़कों पर स्थित दुकानों की थी। कमाल तो इस बात का रहा कि गलियों में स्थित दुकानें तक पूरी तरह से बंद रहीं। एमरजेंसी में दवाइयों की दुकानें और चिकित्सकों के क्लिनिक आम तौर से खुले रहते हैं, लेकिन ये दोनों श्रेणियां भी बंद में आगे रहीं।

पेट्रोलपंप और शराब के ठेके भी नहीं खुले। प्राइवेट स्कूल तक बंद रहे। समान हालत अदालतों की रही। गोहाना बार एसोसिएशन ने एक दिन पहले ही ऐलान कर दिया था कि कोर्ट वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। निवार की फैक्ट्रियां हों या आरे, जो गोहाना की पहचान हैं, वहां पर भी पूरी तरह से वीरानगी का राज रहा। व्यापारी वर्ग को न केवल मजदूरों का साथ मिला अपितु शहर के सामाजिक संगठन भी उनके साथ खड़े हो गए। इतने बड़े शहर में कहीं भी एक भी रेहड़ी या फड़ी वाला नहीं दिखाई दिया। कोई खोखा तक भी खुला हुआ नहीं था। बीड़ी और चाय की लत वाले भी मन मारने के लिए मजबूर हो गए। पूरे गोहाना की सब सड़कें खाली पड़ी थीं।

WhatsApp Image 2024-08-03 at 12.46.12 PM
WhatsApp Image 2024-08-03 at 12.55.06 PM
c3875a0e-fb7b-4f7e-884a-2392dd9f6aa8
1000026761
WhatsApp Image 2024-07-24 at 2.29.26 PM

अब से पहले इतना जबरदस्त बंद गोहाना में कभी नहीं हुआ। गोहाना पेट्रोलपंप एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. कपूर सिंह नरवाल ने कहा कि वह 1970 में कथुरा गांव से गोहाना आए थे, उन्होंने 54 साल में इतना भारी बंद गोहाना में होते हुए अब से पहले कभी नहीं देखा ।

सुबह के वक्त व्यापारी पुरानी अनाज मंडी के महाराजा अग्रसेन चौक में जमा हुए। वहां से वे जुलूस की शक्ल में शहर के सबसे व्यस्त अंबेडकर चौक में पहुंचे। पहले अग्रसेन चौक तो बाद में अंबेडकर चौक में आम जनमानस का दिल का गुस्सा जम कर बाहर निकला। किन्नर समाज की अध्यक्ष महंत स्वीटी और उनकी सहयोगी अनु ने जो कहा, भीड़ स्तब्ध रह गई। दोनों ने कहा कि अगर बदमाशों को नहीं पकड़ सकते, हमारे साथ आ जाओ ना।

गोहाना बंद में भाजपा नेताओं की भूमिका एकदम उम्मीद से अलग रही। वे बदमाशों के न पेकड़े जाने से अपनी ही सरकार से इतने नाराज नजर आए कि गोहाना नगर परिषद की चेयरपर्सन रजनी इंद्रजीत विरमानी के पति इंद्रजीत विरमानी और जेठ गुलशन विरमानी ने अत्यन्त सख्त लहजे में कहा : ऐसा विकास किस काम का, जब सुरक्षा ही नहीं है। विरमानी बंधुओं ने रजनी के इस्तीफे की खुली धमकी दी। उनकी धमकी में अपने सुर मिलाने में नगर पार्षदों ने कोई देरी नहीं की।

सोनीपत मार्कीट कमेटी के पूर्व चेयरमैन राजवीर सिंह दहिया ने कहा कि मैं भाजपा का छोटा-सा कार्यकर्ता हूं। अगर बदमाश नहीं पकड़े गए, सब छोड़ कर सरकार से दूर खड़ा हो जाऊंगा। उन्होंने कहा कि जब गोहाना बंद की कौल दी गई थी, तभी सरकार को कमेटी से बातचीत कर लेनी चाहिए थी।

इंडियन नेशनल लोकदल के व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश गोयल ने कहा कि जितना ले. व्यापारी टैक्स दे देता है। पर उसे बदले में केवल अपनी सुरक्षा की गारंटी चाहिए। गोहाना अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष अशोक जैन ने कहा कि मोदी गारंटी की तर्ज पर हमें सी. एम. से अपनी सुरक्षा की मनोहर गारंटी चाहिए।

भाकिय के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल और जिला अध्यक्ष अशोक लठवाल, जिला परिषद के जिला पार्षद तकदीर नरवाल, लोसुपा नेता अरुण निनानिया, आम आदमी पार्टी के शिव कुमार रंगीला और देवेंद्र सैनी, केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप चहल, सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष जयदीप कुंडू, जनता विद्या भवन के पूर्व अध्यक्ष अजीत सांगवान, मेन बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेंद्र पाल गुंबर, दलित नेता बंसी वाल्मीकि, वैश्य नेता नरेंद्र बंसल, गोहाना व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनोद जैन ने कहा कि सरकार को व्यापारियों की जानमाल की सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहिए। यह भी कहा गया कि धमकियां गोहाना के कुछ और व्यापारियों को भी मिली हैं, पर वे डर के मारे बता नहीं रहे हैं। इस बिंदु पर भी खिन्नता व्यक्त की गई कि पीड़ित हलवाई से दो करोड़ की फिरौती मांगने की बात दबा दी गई।

व्यापारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनोद सहरावत ने कहा कि हमें योगी मॉडल चाहिए, अरेस्ट नहीं, बदमाशों का एनकाउंटर करो। गृह मंत्री द्वारा खुद को गब्बर कहे जाने पर उन्होंने कटाक्ष किया कि गोहाना के लिए वह गोबर हो गए हैं। संजय दूहन ने कहा कि दस दिन में व्यापारियों को सिर्फ आश्वासन मिला है। उन्होंने मांग की कि सरकार राजीव देशवाल और नरेंद्र बिजरानिया जैसे सक्षम अधिकारियों को दोबारा से गोहाना में नियुक्त करे।

हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश महासचिव रमेश खुराना, सोनीपत के जिला अध्यक्ष संजीव सिंगला और जींद के महावीर कम्प्यूटर भी गोहाना बंद के दौरान व्यापारियों के मध्य पहुंचे |

प्रदेश अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने कहा कि सफल गोहाना बंद एक ट्रेलर है। बदमाश पकड़ने में और देरी हुई तो हरियाणा बंद कर पूरी फिल्म दिखाएंगे।

Khabar Abtak

Related Articles

Back to top button