भड़के किसान रिलायंस कम्पनी के खिलाफ गोहाना में बैठे बेमियादी धरने पर ; देना था मुआवजा, पॉलिसी रद्द कर लोटा दिया प्रीमियम
गोहाना :-29 जनवरी : दो महीने की समय-सीमा के स्थान पर दो से तीन साल के बाद पॉलिसी रद्द कर दी गई तथा मुआवजा देने की जगह रिलायंस कम्पनी ने किसानों का प्रीमियम वापस लौटा दिया। सोमवार को यह आरोप चढूनी गुट की भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने लगाया। वह पी. एम. किसान योजना में एस.डी.एम. कार्यालय के बाहर प्रारंभ बेमियादी धरने को संबोधित कर रहे थे।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि रबी की फसल का 31 जुलाई तक होता है। इसे 30 सितंबर तक ही रद्द किया जा सकता है। इसी तरह से खरीफ फसल का बीमा 31 दिसंबर तक होता है। कम्पनी उसे 28 फरवरी तक रद्द कर सकती है। लेकिन 2021 और 2022 के बीमे अब रद्द किए गए हैं। जिन किसानों का मुआवजे का हक बनता था, उनका प्रीमियम वापस कर उन्हीं को कम्पनी ने ठेंगा दिखा दिया है। जिन किसानों की फसलें खराब नहीं हुई थीं, कम्पनी उनका बीमा डकार गई।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि रिलायंस कम्पनी के खिलाफ अपनी लड़ाई किसान जिला स्तर पर जीत चुके हैं रिलायंस कम्पनी ने स्टेट कमेटी के सामने अपील कर रखी है। उस कमेटी को एक महीने में फैसला करना था। पर एक साल से अधिक गुजर चुका है। राज्य कमेटी के अधिकारी कम्पनी से मिले हुए हैं।
सत्यवान नरवाल ने कहा कि सी. एम., कृषि विभाग के डी.सी. समेत सब संभव स्तरों पर शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान न होने पर मजबूरी में बेमियादी धरना प्रारंभ किया गया है। यह धरना तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों को उनकी खराब फसलों का मुआवजा नहीं मिल जाएगा। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष नरवाल ने कहा कि सोनीपत जिले के 5 हजार से ज्यादा किसान मुआवजे के लिए तरस रहे हैं।



