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अमेरिका में हिंदी पढ़ने वाले बच्चे सांस्कृतिक धरोहर जानने आएंगे भारत

• राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से भी मुलाकात संभव ; संसद का दौरा कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में जानकारी लेंगे ; • 17 से 20 दिसंबर तक कई मंदिरों, सांस्कृतिक स्थलों पर जाएंगे ; • अमेरिका में 26 हिंदी पाठशाला चला रही हिंदी-यूएसए संस्था

 

नई दिल्ली। कई पीढ़ियों से अमेरिका में बसे भारतीयों के बच्चों को भाषायी और सांस्कृतिक तौर से भारत से जोड़े रखने के प्रयास चर्चा में हैं। अमेरिका के विभिन्न स्कूलों में हिंदी पढ़ने वाले 13 बच्चों का दल चार दिन के लिए भारत आ रहा है। ये बच्चे अपने पापा-दादा के देश में हिंदी भाषा में बात करेंगे और ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों के अलावा देश की शिक्षा व्यवस्था, संसदीय प्रणाली के बारे में जानेंगे। इन बच्चों की राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से मुलाकात की संभावना है।

अमेरिका के अलग-अलग शहरों में रहने वाले भारतवंशी 13 स्कूली बच्चों समेत 19 सदस्यीय दल 17 दिसंबर को भारत आएगा। चार दिन के प्रवास के दौरान ये बच्चे अक्षरधाम समेत कई मंदिरों व स्कूलों का दौरा करेंगे। भारतीय स्कूली शिक्षा के बारे में विचार साझा करेंगे। इसके अलावा संसद का दौरा कर लोकतांत्रिक व्यवस्था के बारे में जानकारी लेंगे। इस दल में उन छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है, जो अमेरिका में हिंदी पढ़ रहे हैं।
विदेश में पैदा और पले-बढ़े बच्चे हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति से विमुख न हों, इसके लिए हिंदी-यूएसए संस्था अमेरिका में काम कर रही है।हिंदी-यूएसए संस्था के संस्थापक देवेंद्र सिंह ने बताया कि संस्था अमेरिका में भारतवंशी बच्चों को हिंदी भाषा सिखाने के लिए काम कर रही है। संस्था के प्रयासों की बदौलत कई स्कूलों में हिंदी विषय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। देवेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2001 में न्यूजर्सी शहर से संस्था ने दो बच्चों से यह अभियान शुरू किया था। अमेरिका में जन्मे व पले-बढे़ करीब 15 सौ भारतवंशी विद्यार्थी स्नातक और चार हजार हिंदी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अमेरिका में संस्था 26 से ज्यादा हिंदी पाठशाला चला रही है।

ये बच्चे आएंगे भारत
भारत आने वाले बच्चों में आरही शर्मा, मीका मंडर दाते, काव्या सिंह, रिया गुप्ता, अस्मी जैन, आशी जिंदल, दीया सचदेवा, ऋद्धि राजपाल, नमन अरोड़ा, आदित्य खुराना, ऋत्विक अग्रवाल, वेदांत बांगड़ और ओजस श्रीवास्तव शामिल हैं। इस यात्रा का नेतृत्व चेतना मल्लारापु व मनकलाल मुरजीधर काबरा कर रहे हैं। यात्रा के दाैरान संस्था के संस्थापक दंपति देवेंद्र पाल सिंह व रचिता सिंह भी बच्चों के साथ रहेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष से मिलेंगे बच्चे
इन बच्चों के कार्यक्रम के संयोजक अंतरराष्ट्रीय कवि एवं भाषा मर्मज्ञ राजेश चेतन ने बताया कि बच्चे संसद का भ्रमण करेंगे और संसदीय व्यवस्था को समझेंगे।इस दौरान बच्चे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलेंगे।उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से बच्चों की मुलाकात की संभावना है, अभी कार्यक्रम फाइनल नहीं हुआ है।

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