एसजीटी विश्वविद्यालय में ‘स्वाध्याय-मंडल’ के बैनर तले उद्घाटन व्याख्यान आयोजित
विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की अनिवार्य भूमिका: रामलाल

उच्च शिक्षा संस्थानों में रचनात्मक संवाद की संस्कृति प्रोत्साहित हो: रामबहादुर राय
गुरुग्राम, (अनिल जिंदल) 8 जुलाई । श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राईसेंटेनरी विश्वविद्यालय में ‘एसजीटी विश्वविद्यालय स्वाध्याय-मंडल’ के बैनर तले उद्घाटन व्याख्यान का आयोजन किया। इस अवसर पर “विकसित भारत में हमारा योगदान” विषय पर विचारोत्तेजक व्याख्यान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल थे। अपने विचारपूर्ण संबोधन में उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की अनिवार्य भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने व्यक्तिगत योगदान, सामाजिक समरसता तथा ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए उपस्थित जनों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक जीवन, व्यावसायिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर पद्मभूषण राम बहादुर राय, माननीय कुलाधिपति, एसजीटी विश्वविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने भी प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय में ‘स्वाध्याय-मंडल’ की स्थापना को बौद्धिक विमर्श, सतत अध्ययन, सार्थक संवाद तथा जागरूक एवं सामाजिक रूप से उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि आज का व्याख्यान इस स्वाध्याय-मंडल की उद्घाटन कड़ी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययन, चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टि और रचनात्मक संवाद की संस्कृति को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में एसजीटी विश्वविद्यालय के प्रबंध न्यासी मनमोहन सिंह चावला, गवर्निंग बॉडी के सदस्य राज कुमार भाटिया, कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. जे. राव सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संकाय सदस्य उपस्थित रहे।



