किसान दिवस पर, कृषि क्षेत्र में मशरूम को प्रोत्साहन जरुरी : प्रो. सुरेश मल्होत्रा

सोनीपत, 23 दिसंबर। महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी के क्षेत्रीय मशरूम अनुसंधान केंद्र मुरथल सोनीपत में किसान दिवस व राष्ट्रीय मशरूम दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर एमएचयू के माननीय कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने विशेषतौर पर शिरकत की। सेमिनार में पहुंचने पर केंद्र के इंचार्ज डॉ. अजय सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। सेमिनार में प्रदेशभर से आए करीब 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि प्रो. सुरेश ने बताया कि किसान हमारे देश की रीढ़ की हड्डी है, किसानों की आय दोगुनी हो ओर किसान आर्थिक उन्नति की ओर बढ़े। किसानों के पास नए नए शोध पहुंचे, जिससे किसानों को फायदा पहुंचे। इसी उदेश्यों को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार द्वारा करनाल में एमएचयू की स्थापना की है। यही नहीं संस्थान के प्रदेशभर के 6 जिलों में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र चल रहे है, जिनमें से एक मशरूम अनुसंधान केंद्र मुरथल भी शामिल है। जहां पर किसानों को मशरूम उत्पादन की नवीनतम जानकारियां उपलब्ध करवाई जा रही है, लगातार प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है।
मशरूम की खेती, ऐसी खेती है, जो कम लागत, कम पानी ओर कम जगह में आसानी से की जा सकती है। मशरूम की खेती युवाओं, महिलाओं ओर किसानों के जीवन में आर्थिक मजबूती प्रदान करने वाली साबित हो सकती है, अगर मशरूम की खेती को सही तकनीक ओर मागदर्शन से किया जाए। क्योंकि मशरूम की देश प्रदेश में भारी मांग है, लेकिन उत्पादन मांग के अनुरूप नहीं है। प्रो. सुरेश ने प्रतिभागियों से कहा कि मशरूम उत्पादन भारत में युवाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बनकर उभरा है, मशरूम उत्पादन कम जगह, कम पानी ओर कम समय में शुरू किया जा सकता है, कम लागत में अच्छा मुनाफा प्राप्त होता है ओर सालभर आय मिलती रहती है। उन्होंने कहा कि आज मशरूम दिवस ओर किसान दिवस है, किसान मशरूम उत्पादन करें, इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार किसानों को बहुत सारी आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा रही है।
अनुसंधान निदेशक डॉ. धर्म सिंह ने प्रतिभागियों को कहा कि वे संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में खेती किसानी में प्रयुक्त होने वाली नई तकनीकों को अपनाएं। केंद्र के इंचार्ज डॉ. अजय सिंह ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि व प्रतिभागियों को धन्यवाद करते हुए कहा कि माननीय कुलपति के निर्देशानुसार केंद्र से लगातार प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जा रहा है, जो लगातार जारी है। जिससे युवाओं, महिलाओं ओर किसान स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे है। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि प्रो. सुरेश ने प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट वितरित किए। मंच संचालन डॉ. अलीषा ने किया। मौके पर डॉ. हरजोत सिंह, डॉ नितिन सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।



