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‘भारत तेज विकास कर रहा लेकिन अनुसंधान व मौलिकता की जरूरत’

नए लक्ष्य व संकल्पों के साथ 'सिनर्जी-2025' का समापन

गुरुग्राम,(अनिल जिंदल ) 27 नवंबर । ओडिशा की स्पेशल रेजिडेंट कमिश्नर डॉ मृणालिनी दर्सवाल (आईएएस) ने कहा है कि हालांकि भारत तेज गति से विकास कर रहा है लेकिन फिर भी फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में अनुसंधान की अभी बहुत आवश्यकता है। इतना ही नहीं, शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम का अपडेशन भी जरूरी है। डॉ मृणालिनी दर्सवाल यहां मुख्य अतिथि के रूप में एसजीटी यूनिवर्सिटी में ‘सिनर्जी-2025’ के समापन समारोह को संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि

ओरिजनल थिंकिंग एवं ‘थिंकिंग इन न्यू मैनर’ से ही भारत फिर से विश्व गुरु बन सकता है। शिक्षा स्ट्रक्चर को भारत की समृद्ध धरोहर के रूप में फिर से गौरव के शिखर तक पहुंचाने के लिए इसके वर्तमान स्वरूप पर पुनर्विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि यद्यपि भारत अमेरिका जैसी सुपर पावर को 60 से 70 प्रतिशत तक जेनरिक दवाएं भेजता है लेकिन अनुसंधान और मौलिकता अब भी बहुत जरूरी है। जेनरिक एपीआईज (सक्रिय औषधि घटक) में हम पीछे हैं।इसके अलावा सप्लाई चेन में हमें चीन जैसे देशों पर निर्भरता दूर करनी होगी।

डॉ मृणालिनी दर्सवाल ने कहा कि फार्मा क्षेत्र में केंद्र सरकार दिल खोल कर फंड दे रही है, ऑटोनामी भी दे रही है। बस ‘माइंडसेट’ में मौलिकता लाकर हम सबसे आगे निकल सकते हैं। मुख्य अतिथि ने एसीटी के आयोजन, स्ट्रक्चर व फैसिलिटीज की प्रशंसा की।

विशिष्ट अतिथि

टेक्निकल आफिसर, फार्मास्यूटिकल्स डब्ल्यूएचओ इंडिया कंट्री आफिस डॉ मधुर गुप्ता ने इस अवसर पर छात्रों से आह्वान किया कि रिसर्च, कोलेबोरेशन व इनोवेशन को अपने अध्ययन का आधार बनाएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की सप्लाई चेन और सुविधाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विकास, अनुसंधान की आक्सीजन हर मरीज तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई विशेष योजना जन अनुसंधान का विशेष तौर पर उल्लेख किया।

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विशिष्ट अतिथि

डॉ एकता कपूर, साइंस डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने अपने विभाग के दो मिशनों व 25 हब का जिक्र करते हुए तकनीक, एंटरप्रिन्योरशिप, स्टार्टअप व स्किल डेवलपमेंट के महत्व पर विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों से इनोवेशन व अनुसंधान से अधिकतम कनेक्टिविटी रखने को कहा।

‘सिनर्जी-2025’ की रही धूम

नई उम्मीदों, संभावनाओं, न्यू इनोवेशन, नए लक्ष्य व नई उड़ान के संकल्पों, प्रतिबद्धताओं के साथ एसजीटी यूनिवर्सिटी

के सबसे बड़े शैक्षणिक और इनोवेशन महोत्सव ‘सिनर्जी-2025’ का भव्य समापन हो गया।

दो दिन विज्ञान, तकनीक, कला, संस्कृति, इंजीनियरिंग, मेडिकल साइंस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, एंटरप्रिन्योरशिप, कृषि तकनीक, इकोनॉमी और कई अन्य क्षेत्रों से जुड़े नवाचार विभिन्न पैवेलियनों पंडालों में प्रदर्शित किए गए। युवा टैलेंट ने धमाल मचाते हुए रचनात्मक सोच और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन

किया। इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स के साथ रोबो कंपीटीशन, ड्रोन कंपीटीशन व नुक्कड़ नाटकों ने सभी का ध्यान खींचा।

विभिन्न स्पर्धाओं में विजेता स्कूल, कालेजों, विश्वविद्यालयों की टीमों को नकद पुरस्कार व ट्राफी के साथ सम्मानित किया गया।

‘सिनर्जी-2025’ की सफलता में अहम योगदान देने वाले छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

आयोजन को सफल बनाने के लिए एसजीटी यूनिवर्सिटी के प्रबंधन और छात्र टीमों की कई महीनों की मेहनत ने रंग दिखाया।

‘सिनर्जी 2025’ में भाग लेने वाले एसजीटी के विभिन्न स्ट्रीम्स की टीमों को भी पुरस्कृत किया गया।

देश और विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों ने भी ‘सिनर्जी-2025’ में अपना योगदान किया।

पद्मश्री व पद्मभूषण एवं एसजीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर राम बहादुर राय भी समापन समारोह में उपस्थित रहे।

एसजीटी यूनिवर्सिटी के मैनेजिंग ट्रस्टी मनमोहन सिंह चावला एवं वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) हेमंत वर्मा ने चीफ गेस्ट एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।

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