ग्रेप-3 की सख्त पालना सुनिश्चित करने के लिए सोनीपत जिले में प्रदूषणकारी उद्योगों पर व्यापक छापेमारी एवं निरीक्षण अभियान : डीसी सुशील सारवान
-जहाॅ अनियमिताएं मिली उनकी रिपोर्ट कमीशन फाॅर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) की टीम नहीं इकट्ठा की,सीलिंग, बिजली कनेक्शन कटौती, जुर्माना आदि अमल में लाने की सिफारिस की जाएगी


-वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-III) की सख्त पालना सुनिश्चित करने हेतु चलाया व्यापक छापेमारी एवं निरीक्षण अभियान
-कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हुई कार्रवाई, 140 से ज्यादा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में गई टीमें, कार्रवाई जारी
सोनीपत, 21 नवंबर। वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों एवं सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप-3) की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सोनीपत ने आज सुबह से बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की। देर शाम तक 140 से ज्यादा औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच की जा चुकी थी।
उपायुक्त श्री सुशील सारवान एवं पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र कादियान के नेतृत्व में जिले के चारों उपमंडल अधिकारियों एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, एसडीएम गोहाना अंजलि क्षोत्रिय,एसडीएम खरखौदा निर्मल नागर एवं एसडीएम गन्नौर प्रवेश कादियान की अगुवाई में कुल 19 संयुक्त टीमें गठित की गईं। इन टीमों में 55 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी तथा भारी पुलिस बल शामिल रहे।
सुबह 7ः00 बजे राई रेस्ट हाउस में सभी अधिकारी एवं पुलिस बल एकत्रित हुए। उपायुक्त श्री सुशील सारवान ने स्वयं मौके पर उपस्थित होकर सभी टीमों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए तथा तत्काल कार्रवाई हेतु रवाना किया। राई रेस्ट हाउस को अस्थायी कंट्रोल रूम बनाया गया, जहाँ उपायुक्त सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।
टीमों ने पूरे जिले में फैले उन सभी औद्योगिक इकाइयों का सघन निरीक्षण किया, जिन पर प्रदूषण फैलाने के आरोप थे या जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली, ईंधन के प्रकार, एमिशन मानकों की पालना आदि की गहन जाँच की जा रही है। मौके पर ही निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जा रही है तथा जहाॅ अनियमिताएं मिली उनकी रिपोर्ट कमीशन फाॅर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) को भेजी तथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई जिनमें सीलिंग, बिजली कनेक्शन कटौती, जुर्माना आदि अमल में लाने की सिफारिस की जाएगी।
उपायुक्त श्री सुशील सारवान ने कहा कि “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रदूषणकारी इकाइयों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी तथा GRAP-3 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा।”
जिला प्रशासन आमजन से भी अपील करता है कि वह प्रदूषण नियंत्रण में अपना सहयोग देते हुए किसी भी प्रकार की प्रदूषणकारी गतिविधि की सूचना तुरत नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों को दें।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (ऐक्यूआई) 401 से 450 के बीच ’गंभीर’ (सीवीर) श्रेणी में पहुंचने पर की गई कार्रवाई
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सर्दियों के मौसम में तेजी से बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों एवं कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) द्वारा संचालित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) की स्टेज-।।। को सक्रिय किया गया है। यह चरण तब लागू होता है जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (ऐक्यूआई) 401 से 450 के बीच ’गंभीर’ (सीवीर) श्रेणी में पहुँच जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। हालांकि सोनीपत का एक्यूआई शुक्रवार को 300 से 400 के बीच ’ बहुत खराब’ (very poor ) श्रेणी का था। लेकिन दिल्ली का एक्यूआई 401 से 450 के बीच रहा, ऐसे में ग्रेप-3 लागू किया गया। इसके तहत प्रमुख उपायों में निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, BS-III पेट्रोल एवं BS-IV डीजल वाहनों पर चलने की मनाही, गैर-साफ ईंधन पर आधारित उद्योगों का संचालन बंद करना, डीजल जनरेटरों का उपयोग सीमित करना, सड़कों पर यांत्रिक झाड़ू लगाना एवं जल छिड़काव बढ़ाना, तथा कक्षा 5वीं तक के स्कूलों में हाइब्रिड मोड में शिक्षा शामिल हैं। इन उपायों का उद्देश्य धूल, वाहन उत्सर्जन, औद्योगिक प्रदूषण एवं अन्य स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण को तत्काल कम करना है, ताकि NCR में रहने वाले लाखों नागरिकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
सुबह सात बजे शुरू किया गया अभियान, अधिकारियों को मौके पर ही दी गई जानकारी
सोनीपत जिला प्रशासन ने ग्रेप-3 की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के लिए सुबह सात बजे से एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है, जिसमें प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर बड़े स्तर पर छापेमारी एवं सघन निरीक्षण किया जा रहा है। यह कार्रवाई कमीशन फाॅर एयर क्वालिटी मैनेजंमेंट (सीएक्यूएम) सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जो एनसीआर में ऐक्यूआई की दैनिक निगरानी करता है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली एवं आसपास के जिलों में ।ऐक्यूआई 400 से ऊपर पहुँचने के कारण GRAP-III को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है, तथा सोनीपत में भी प्रदूषण स्रोतों पर सख्ती बरती जा रही है।
निरीक्षण के दौरान क्या-क्या की गई जांच
उपयुक्त सुशील सारवान ने बताया कि ग्रेप-3 के प्रावधानों में विशेष रूप से उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों (जैसे स्क्रबर, फिल्टर), ईंधन के प्रकार (केवल स्वच्छ ईंधन जैसे पीएनजी/सीएनजी का उपयोग), उत्सर्जन मानकों की पालना, अपशिष्ट प्रबंधन, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट एवं धूल नियंत्रण शामिल हैं। जांच के दौरान इन सभी मानकों का निरीक्षण किया गया।
कंट्रोल रूम से लेते रहे पल-पल की जानकारी
राई रेस्ट हाउस को अस्थायी कंट्रोल रूम के रूप में स्थापित किया गया था, जहाँ उपायुक्त सुशील सारवान सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी रीयल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पल-पल की जानकारी ले रहे थे। गठित टीमों ने जिले के औद्योगिक क्षेत्रों – जैसे राई, बडी, गन्नौर, कुंडली, नाथुपुर, खरखौदा एवं मुरथल, बहालगढ़, गोहाना रोड में फैले उन सभी औद्योगिक इकाइयों का सघन निरीक्षण किया, जिन पर प्रदूषण फैलाने की आशंका थी और ग्रेप-3 के मानकों का उल्लंघन कर रही थी। निरीक्षण के दौरान
प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की कार्यप्रणाली एवं रखरखाव की जाँच की गई। गैर-साफ ईंधन (कोयला, फर्नेस ऑयल) के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की पालना सुनिश्चित की गई। एमिशन टेस्टिंग एवं एक्यूआई प्रभाव का मूल्यांकन किया गया।
अपशिष्ट जल एवं ठोस कचरा प्रबंधन और धूल नियंत्रण के लिए कवरिंग एवं जल छिड़काव व्यवस्था देखी गई।
सोनीपत जिला प्रशासन ग्रेप के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगा-डीसी सुशील सारवान
उपायुक्त श्री सुशील सारवान ने कहा, “ग्रेप-3 में वायु प्रदूषण की ’गंभीर’ स्थिति को नियंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण हथियार है। सोनीपत जिला प्रशासन ग्रेप के सभी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगा। प्रदूषणकारी उद्योगों के स्वामियों को चेतावनी दी जाती है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा लक्ष्य न केवल तत्काल राहत प्रदान करना, बल्कि दीर्घकालिक स्वच्छ वायु सुनिश्चित करना है।” पुलिस अधीक्षक श्री नरेन्द्र कादियान ने भी कहा कि “पुलिस बल पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा, तथा किसी भी अवरोध की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
ग्रेप-3 में किन-किन बातों का रखें ध्यान
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि जिला प्रशासन एनसीआर के सभी हितधारकों एवं आमजन से अपील करता है कि ग्रेप-3 के तहत सभी उपायों का पालना सुनश्चित कर रहा है। इनमें निर्माण गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण सुनिश्चित करें।
वाहन मालिक BS-III/IV वाहनों का उपयोग न करें एवं सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।
उद्योगपति स्वच्छ ईंधन का उपयोग करें एवं नियमित एमिशन टेस्ट करवाएँ।
नागरिक किसी भी प्रदूषणकारी गतिविधि (जैसे पराली जलाना, कचरा जलाना) की सूचना तुरंत क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय को दें।



