श्रीराम त्याग, सत्य, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक हैं : प्राचार्य अश्वनी कुमार

गोहाना,(अनिल जिंदल)18 अक्टूबर : गीता विद्या मंदिर, गोहाना व शिशु वाटिका-2 बरोदा में भी में दीपावली पर्व बड़े उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। 10 दिवसीय रामायण मंचन का समुद्र मंथन से उत्पन्न 14 रत्न की सुंदर प्रस्तुतियों के साथ आज समापन हुआ। इस अवसर पर वाणी,अर्पिता, अवनी, इशिता, मानवी, जसकीरत, शिवम, दक्ष व निलेश ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। विहान व दक्षिता ने पर्वों के बारे में जानकारी दी। विभाग प्रमुख दीपक कपूर ने पंच पर्वों की महत्ता बताई।
विद्यालय के प्राचार्य अश्विनी कुमार ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के आदर्शों के विषय में प्रेरक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रीराम त्याग, सत्य, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक हैं, जिनसे हर विद्यार्थी को अपने जीवन में प्रेरणा लेनी चाहिए।
उनके प्रेरणादायी शब्दों से विद्यार्थियों ने जीवन में नैतिक मूल्यों और सदाचार को अपनाने का संकल्प लिया।
दीपावली के उपलक्ष्य में विद्यालय के प्रांगण को दीपों से सजाया गया तथा विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोलियाँ में सर्वश्रेष्ठ रंगोली बनाने वाले विद्यार्थियों में निकिता, प्रियंका, हनी, प्रगति, प्रांजल, पावनी, हंसिका, जिया, अंशिका, साक्षी, खुशी, आर्यन, विवेक, देव, वंश, चिराग, नमन, कृष्ण, लक्ष्य, अंशुमान, मनजीत, अरनव, कार्तिक, दीपांशु, प्रतीक, इशांत, मानव, पारस व शुभम का समूह रहा ।
धनतेरस की पूर्व संध्या पर आचार्य परिवार द्वारा भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। विद्यालय के आचार्य परिवार द्वारा आयोजित इस भजन संध्या में संगीत आचार्य मुनेश शर्मा एवं रजनी ने अपने मधुर स्वर और वादन से भक्ति रस की ऐसी छटा बिखेरी कि वातावरण अलौकिक हो उठा।
कार्यक्रम में एक विशेष संयोग यह भी रहा कि इस दिन आचार्य प्रियंका का जन्मदिन था। उन्होंने भक्ति भाव से प्रसाद की व्यवस्था कर सभी के साथ इस पावन दिन का आनंद साझा किया।
इस अवसर पर प्रबंध समिति से उप प्रबंधक मनोज झा, कोषाध्यक्ष डॉ मुकेश व सदस्य मनोज भारद्वाज भी उपस्थित रहे। प्रबंध समिति व प्राचार्य महोदय ने सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ दी।



