गुरुग्राम में नौकरी करने वाले सोनीपत के लापता युवक का नहीं लगा कोई सुरागः सतलोक आश्रम में देखा गया था आखिरी बार ; दिव्यांग पिता-मां हैं परेशान
गोहाना, 28 मार्च : सोनीपत में एक 24 वर्षीय युवक की गुमशुदगी ने एक परिवार को परेशानी में डाल दिया है। सड़क दुर्घटना में पहले ही पति के दिव्यांग होने से जूझ रही महिला अब अपने लापता बेटे की चिंता में दिन-रात एक कर रही है। बेटा अंतिम बार सतलोक आश्रम में देखा गया था। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं है।
वह गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता था और झज्जर में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस ने थाना बरोदा में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बड़वासनी गांव की रहने वाली महिला आनंद ने बताया कि उनका छोटा बेटा राहुल एचआर जीएसए प्राइवेट लिमिटेड, फर्रुखनगर गुरुग्राम में नौकरी करता था। वह झज्जर जिले के गांव याकूबपुर में किराए के मकान पर रहता था। आखिरी बार उनकी बात बेटे से 21 फरवरी 2025 को शाम 7-8 बजे के करीब हुई थी। इसमें राहुल ने 10-12 दिन में घर आने की बात कही थी।
महिला ने बताया कि परिवार की स्थिति पहले से ही कमजोर है, क्योंकि एक सड़क दुर्घटना में उनके पति सतबीर दिव्यांग हो गए थे। दो बेटों में से बड़ा सचिन और छोटा राहुल ही परिवार का सहारा थे। जब काफी दिनों तक राहुल का फोन बंद मिला, तो चिंतित परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।
राहुल के रूममेट कमल से पता चला कि वह 5 फरवरी को सतलोक आश्रम धनाना गया था और उसके बाद वापस नहीं लौटा। महिला के देवर राजेश ने सतलोक आश्रम में जाकर पता किया, जहां आश्रम कर्मियों ने बताया कि राहुल को आखिरी बार 17-18 फरवरी को वहां देखा गया था। इसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं है।
आनंद ने बताया कि उसका बेटा बहुत जिम्मेदार है, वह बिना बताए कभी इतने दिन तक गायब नहीं हो सकता । उसके पिता की हालत को देखते हुए वह हमेशा परिवार की चिंता करता था। अब पूरा परिवार उसके लापता होने के बाद से बेहद चिंतित है। दो महीने से उसकी तलाश में दर दर भटक रहे हैं, लेकिन कहीं भी सुराग नहीं लग रहा है।
महिला ने बेटे के लापता होने की शिकायत थाना बरोदा में दी। पुलिस ने थाना बरोदा में धारा 127(6) के तहत केस दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है। परिवार को आशंका है कि राहुल का अपहरण किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।


