जनता संस्था बुटाना में प्रधान सत्यपाल सांगवान के हस्ताक्षर करने के अधिकार पर रोक लगाई
महिला कर्मचारी के हटाने के बाद से प्रधान सत्यपाल सांगवान के उल्टे लगने शुरू हो गए
प्रशासन ने प्रधान के हस्ताक्षर करने पर रोक लगाकर भ्रष्टाचार पर सख्त रुख दिखाया
गोहाना, 21 मार्च : जनता विद्या भवन, बुटाना संस्था प्रशासन लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर रहा हैं। जिला रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी ने आदेश जारी करके संस्था के प्रधान सत्यपाल सांगवान के हस्ताक्षर करने का अधिकार छीन लिया। अब संस्था के सभी बैंक खातों में सचिव एवं कैशियर के हस्ताक्षर से ही कार्य हो सकता हैं।
4 मार्च, 2025 को जिला रजिस्ट्रार ने प्रधान सत्यपाल सांगवान के अधिकार पर रोक लगाई थी। जिसमें प्रधान किसी भी तरह के फैसले समेत रिकॉर्ड को एक्सेस करने का अधिकार छीन लिया था। परन्तु प्रधान सत्यपाल इसके बाद भी लगातार आदेश के खिलाफ काम कर रहा हैं। अगले ही दिन संस्था के प्रति एक अलग सपना देखने वाला एवं स्टेट यूनिवर्सिटी बनवाने में अग्रिम भूमिका निभाने वाला डॉ रवींद्र सांगवान को टर्मिनेट कर दिया। बैंक खातों का परिचालन करता रहा। विभिन्न ट्रांजेक्शन की गई। जब प्रधान सत्यपाल सांगवान की शिकायत रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी के पास पहुंची तो उन्होंने संस्था के प्रधान की सिग्नेचर पावर को खत्म कर दिया।
संस्था लगातार विवादों में बढ़ रही है। एक तरफ प्रधान के महासभा की मीटिंग बुलाने पर स्टे कर दिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने सीबीआई डीएसपी पीके खन्ना को नियुक्त कर दिया। इसकी जांच भी जारी है। वहीं एक महिला कर्मचारी असिस्टेंट प्रोफेसर इन इंग्लिश नम्रता को टर्मिनेट करने के बाद, संस्था के इतिहास में पहली बार धरना दिया गया। इसके बाद प्रशासन सख्त रूप अपने हुए हैं। जहां नम्रता एवं डॉ रवींद्र सांगवान को हटाने के बाद नोटिस जारी कर दिया।
संस्था के पूर्व अध्यक्ष अजीत सांगवान ने पत्रकारों को बातचीत में बताया कि प्रधान सत्यपाल भ्रष्टाचार में सम्मिलित हैं। अपने भांजे कुलदीप, दोनों बेटे सचिन, सुमित समेत अपने भाइयों के लड़कों को नौकरी पर दिखा कर सैलरी निकली गई है। काबिलियत रखने वाले कर्मचारियों को गलत भावना से हटा रहा है। एक महिला को धरने पर मजबूरी में बैठना पड़ा। ये बात संकेत करती हैं कि पाप का घड़ा भर गया है। करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार एवं 170 कर्मचारियों की जांच जारी हैं। उन्होंने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी का धन्यवाद किया कि सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्य कर रही हैं। पूर्व सचिव कृष्ण सांगवान ने संस्था के अध्यक्ष सत्यपाल सांगवान को हरियाणा का सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी प्रधान बताया। जिन्होंने अपने परिवार समेत नौकरियों लगाने, एक दिन में सबसे ज्यादा फर्जी नौकरियों लगाने का रिकॉर्ड बनाना, वित्तीय घोटाला किया है। उन्होंने बताया कि संस्था में लगभग तीन हजार फर्जी बिल लगाए गए हैं। जो बिना किसी जीएसटी के है। ये टैक्स की चोरी का भी मामला है। संस्था को गर्त में धकेल दिया। प्रशासन ने भ्रष्टाचार को देखते हुए जो सिग्नेचर पर रोक लगाई है, उसका स्वागत किया। जल्द ही संस्था ने प्रशासक नियुक्त करने की मांग की गई हैं।



