मुगलों के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई थी राजपूत योद्धा दूल्ला भट्टी ने : डॉ सुरेश सेतिया

गोहाना : गोहाना के पुराना बस स्टैंड संत नगर स्थित डॉ सुरेश सेतिया के आवास पर आजाद हिंद देश भारत मोर्चा के निर्देशक डॉ सुरेश सेतिया ने कहा कि लोहड़ी का पर्व राजपूत योद्धा दुल्ला भट्टी की याद में मनाया जाता है | दुल्ला भट्टी मुगल शासक अकबर के समय में रावलपिंडी के शासक थे और वे मुगलों की धार्मिक नीतियों के घोर विरोधी थे | उस समय पंजाब में हिंदू लड़कियों को यौन गुलामी के लिए बलपूर्वक मुस्लिम अमीर लोगों को बेचा जाता था | यह अन्याय दूल्हा भट्टी को सहन नहीं हुआ और उन्होंने हिंदुओं की हर लड़की को अपनी बहन बेटी मानकर उनकी शादियां हिंदू लड़कों के साथ करवाना शुरू कर दिया | जब सुंदर दास ब्राह्मण की दो बेटियां सुंदरी और मुंदरी को जबरदस्ती बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था | उनको बचाकर उनकी शादी हिंदू लड़कों के साथ करवा दी थी | जिसमें शादी का खर्च भी उन्हीं ने किया आयोजन की अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की तथा उन्होंने कहा अकबर की 12000 सेना दूल्हा भट्टी को पकड़ नहीं पाई और धोखे से 1599 में उनको पकड़कर फांसी दे दी |लोहड़ी पर्व के दिन लोग दूल्हा भट्टी और उनके बलिदान को याद करते हैं | इस अवसर पर उधम सिंह, बलवान सिंह, सुषमा सेतिया, मनोज सैनी, नेहा, नीतिका, बलवान शर्मा, बहादुर सिंह, सपना व विनय आदि मुख्य तोर से उपस्थित रहे |



