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गोहाना के सनातन धर्म मंदिर के 73वां वार्षिकोत्सव में बही प्रवचनों की गंगा

ज्ञानी को अपनी आत्मा मानते हैं भगवान : डॉ. प्रेमानंद

गोहाना :-10 जनवरी : मेन बाजार स्थित सनातन धर्म मंदिर के 73वें वार्षिकोत्सव में मनीषी संतों के प्रवचनों की गंगा बही । हरिद्वार के महामंडलेश्वर डॉ. प्रेमानंद ने कहा कि भगवान ज्ञानी को अपनी आत्मा मानते हैं। सानिध्य डेरा गौ कर्ण, रोहतक के महंत कमल पुरी का रहा। उनके संग आए गायक साबी ने, प्रभु जी तुम बहुत दयालु हो, भजन से आशीर्वाद लिया। अध्यक्षता मंदिर के अध्यक्ष संजय मेहंदीरत्ता ने की।

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स्वामी दिव्यानंद ने कहा कि सनातन धर्म में प्रभु की व्याख्या 3 प्रकार से होती है। ये प्रकार निर्गुण निराकार, सगुण निराकार और सगुण साकार हैं। उनके अनुसार सनातन बौद्धिक धर्म स्वीकार करता है कि ईश्वर अवतार ग्रहण कर धरती पर लीलाएं करते हैं। कार्यक्रम में पं. जगदीश शर्मा ने हनुमान चालीसा और राम नाम का संकीर्तन करवाया। पं. राजन शास्त्री ने राधा कृष्ण के भजन प्रस्तुत किए तथा उद्धव के प्रसंग का उल्लेख किया।

इस अवसर पर सुरेश मल्होत्रा, बूटा राम कथूरिया, गुलशन अलावाधी, तिलक भाटिया, बंटी भारद्वाज, गौतम नारंग, मनीष मग्गो, निशु खुराना, सौरभ खुराना, सिद्धार्थ रेवड़ी, राघव कक्कड़, दीपक आनंद, विजय चोपड़ा, कृष्णा मधु,, राज मेहंदीरत्ता, रजनी मल्होत्रा, गीतां चावला, वीना चावला, उमा सेठी, सीमा अरोड़ा आदि मौजूद रहे।

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