आत्मबल, साहस और इच्छा शक्ति से नशे पर विजय प्राप्त कर सकते हैं- डॉ. सचिन शर्मा
शिविर में सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका दीप्ति और दीपांशी को किया गया सम्मानित

गोहाना : 5 जनवरी : आज गोहाना के गुढ़ा रोड स्थित जवाहरलाल नेहरू सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एनएसएस शिविर के सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के सातवें दिन समापन के लिए मुख्य अतिथि एम डी सुनील शर्मा रहें । कार्यक्रम का मार्गदर्शन मैनेजर कृष्णा देवी ने किया।
स्वयंसेवकों एवं स्वयं सेविकाओं के लिए नशा मुक्त भारत और जीवन मूल्यों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए । कार्यक्रम में मुख्य वक्ता नशा मुक्त भारत की जानकारी के प्रवक्ता प्राचार्य डॉ सचिन शर्मा और जीवन मूल्यों की जानकारी एम डी सुनील शर्मा ने दी।
प्राचार्य डॉ सचिन शर्मा ने बताया कि यदि मन में आत्मबल, साहस और इच्छा शक्ति हो तो नशा या कोई भी समस्या को दूर किया जा सकता है और उस पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
नशा मानव के शरीर को लकड़ी में लगे दीमक की तरह खोखला कर देता है उनके मानसिक स्वास्थ्य पर नशे की वजह से बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण उन्हें तनाव, अवसाद, सिरदर्द या माइग्रेन जैसी मानसिक समस्याएं होने लगती हैं | नशा मस्तिष्क को इतनी बुरी तरह से प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति नशा नहीं मिलने पर अपने आप को नुकसान भी पहुंचा सकता है | यदि किसी को ड्रग्स लेने की आदत है और उसे समय पर ड्रग्स नहीं मिला, तो वह मानसिक रूप से बीमार हो सकता है या पागल भी हो सकता है | प्राचार्य डॉ सचिन शर्मा ने वॉलिंटियर्स को संबोधित करते हुए का कहा की नशा करने की गलत आदत के कारण व्यक्ति की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है | नशा करने की लत के कारण व्यक्ति इतना मजबूर हो जाता है कि वह कई बार अपना आपा खो बैठता है | ऐसे में यह आदत स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है | इससे उन्हें कई तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं | चाहे तंबाकू, सिगरेट की आदत हो, शराब पीने की आदत हो या फिर भांग, चरस और गांजा जैसे नशे की आदत हो, यह सभी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होती हैं |
मुख्य अथिति एम डी सुनील शर्मा ने जीवन मूल्यों के बारे में सचेत करते हुए कहा की जीवन उपयोगी कई सीख किताबों में नहीं एनएसएस शिविर में मिलती हैं, एन एस एस हमें जीवन जीने की कला सिखाता है। जीवन में मूल्यों को हमें ग्रहण करने की जरूरत है। वॉलिंटियर्स ऊर्जावान होकर अपने कौशल को पहचानते है और उच्च कोटि का व्यक्तित्व प्राप्त करते है। राष्ट्रीय योजना का महत्वपूर्ण योगदान देश प्रेम की भावना के साथ-साथ समाजसेवा की प्रेरणा भी देना है।
शिविर में सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका दीप्ति और दीपांशी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम अधिकारी चिराग जैन, प्रिंस और रोहित स्वयंसेवकों के ग्रुप ने नशा के दुष्प्रभाव पर आधारित नाटिका प्रस्तुत कर नशा न करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर उप प्राचार्य सूरत शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी चिराग जैन, नवनीत कुमार, अश्वनी सरोहा, यशपाल शर्मा, योग गुरु विजय चौहान और डी पी सोनू शर्मा विद्यालय मे मौजूद रहें।


