राम मोहम्मद सिंह आजाद नाम से दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश उधम सिंह ने : आजाद डांगी

गोहाना : 26 दिसंबर : गोहाना के रोहतक गेट के सामने दक्ष प्रजापति मार्ग पर शहीद उधम सिंह की 125वी जयंती मनाई गई | जिसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने कहा उधम सिंह देश में सर्वधर्म समभाव के प्रतीक थे, और इसलिए उन्होंने अपना नाम उधम सिंह से बदलकर राम मोहम्मद सिंह आजाद रख लिया था | जो भारत के तीन प्रमुख धर्मो का प्रतीक है | उनका जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के संगरूर जिले में मौजूद सुनाम गांव में हुआ 1919 में अनाथालय छोड़ जलियांवाला बाग कांड और देश को आजाद कराने के लिए वे गदर पार्टी से जुड़ गए और उधम सिंह 1934 में लंदन पहुंचे | जयंती समारोह की अध्यक्षता बैकवर्ड नेता रामदिया रतेवाल ने की तथा उन्होंने कहा 1940 में रॉयल एशिया सोसाइटी की बैठक में माइकल औडवायर को गोलियों से भूनकर जलियांवाला बाग कांड का बदला लिया और 31 जुलाई 1940 को पैटनविले जेल में उनको फांसी दे दी गई | उधम सिंह की मृत्यु के 7 साल बाद अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा और हमारा देश आजाद हो गया | जयंती समारोह में मास्टर रमेश मेहता, शेर सिंह बेडवाल, खेमचंद प्रजापति, मदनलाल अत्री, डॉक्टर रमेश अरोड़ा तथा राकेश बेडवाल आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे |



