सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है कह कर फांसी के फंदे पर झूल गए थे वीर सपूत राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान व ठाकुर रोशन सिंह : डॉ सुरेश सेतिया

गोहाना :19 दिसंबर: गोहाना के पुराना बस स्टैंड स्थित शहिद स्मारक पर राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान व ठाकुर रोशन सिंह के 97 वे शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया | जिसमें मुख्य वक्ता आजाद हिंद देशभक्त मोर्चा के निदेशक डॉक्टर सुरेश सेतिया ने कहा अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान व ठाकुर रोशन सिंह सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है कह कर फांसी के फंदे पर झूल गए थे | काकोरी कांड ने ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया था | गुलामी की बेडियो से जकड़े भारत देश को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद कराने की खातिर राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह ने देश की खातिर आज ही के दिन 1927 में अपना सब कुछ न्योछावर कर हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया था | श्रद्धांजलि समारोह की अध्यक्षता मोर्चे के मुख्य संरक्षक आजाद सिंह दांगी ने की तथा उन्होंने कहा अंग्रेजों के खिलाफ चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को गति देने के लिए क्रांतिकारियों ने काकोरी कांड को अंजाम दिया था | इस घटना से ब्रिटिश सरकार में भूचाल आ गया और अंग्रेजी सरकार ने राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर अशफाक उल्ला खान को फैजाबाद और ठाकुर रोशन सिंह को इलाहाबाद में फांसी पर लटका दिया था | श्रद्धांजलि समारोह में अनूप फौजी, मास्टर रमेश मेहता, सरदार गुरु चरण सिंह, सूरजमल मलिक, धर्मवीर भावड, हनीफ इमाम बुटाना, अक्षय, शंकर, आशीष, सतबीर पोडिया व मदनलाल अत्री आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे |



